Hot Indian Destinations: गर्मी का मौसम आते ही लोग छुट्टियों की प्लानिंग करने लगते हैं, लेकिन हर जगह इस समय घूमने के लिए सही नहीं होती। कुछ डेस्टिनेशन ऐसे होते हैं जहां तेज धूप, लू और उमस आपकी यात्रा को असहज बना सकती है और सेहत पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है। ऐसे मौसम में ज्यादा गर्म इलाकों में घूमना डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए समर वेकेशन प्लान करते समय जगह का चुनाव सोच-समझकर करना बेहद जरूरी है। आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे (Places to Avoid in Summer) जहां जाने का प्लान आपको गर्मियों में नहीं बनाना चाहिए।
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके
राजस्थान अपनी शाही विरासत और खूबसूरत किलों के लिए जाना जाता है, लेकिन गर्मियों में यहां का मौसम बेहद कठिन हो जाता है। राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर जैसे शहरों में तापमान 45-50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। गर्मियों में यहां तेज धूप में घूमने से लू के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस मौसम में यहां घूमना आपके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
दिल्ली-आगरा
दिल्ली और आगरा जैसे शहर ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन गर्मियों में यहां का मौसम काफी असहनीय हो जाता है। तेज धूप के साथ-साथ उमस और प्रदूषण मिलकर स्थिति को और खराब कर देते हैं। दिल्ली का लाल किला और आगरा का ताजमहल जैसे दर्शनीय स्थलों पर घूमना इस मौसम में थका देने वाला अनुभव बन सकता है।
मध्य भारत (खजुराहो और ग्वालियर)
देश का दिल कहा जाने वाला मध्य प्रदेश भी गर्मी में घूमने के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। यहां खजुराहो और ग्वालियर जैसे शहर अपनी ऐतिहासिक धरोहर के लिए मशहूर हैं, लेकिन गर्मियों में यहां की गर्मी बेहद तेज होती है। पत्थरों से बने मंदिर और किले दिनभर धूप में तपते रहते हैं, जिससे आसपास का तापमान और भी बढ़ जाता है। ऐसे में यहां घूमना न केवल थकाऊ होता है बल्कि शरीर पर भी भारी पड़ सकता है।
विदर्भ (नागपुर)
महाराष्ट्र का विदर्भ (नागपुर) क्षेत्र गर्मियों में देश के सबसे गर्म इलाकों में गिना जाता है। यहां तापमान कई बार 45-50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। इतनी ज्यादा गर्मी में बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है, घूमने की बात तो दूर है। लू लगने और डिहाइड्रेशन का खतरा यहां काफी ज्यादा रहता है, इसलिए इस मौसम में नागपुर और इसके आसपास के इलाकों का प्लान टालना ही बेहतर है।
