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श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 पर लगा ब्रेक, जानें क्यों लिया गया बड़ा फैसला

Shrikhand Mahadev Yatra 2026: हजारों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों और ग्लेशियरों को पार करके बाबा श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल इस यात्रा पर रोक लगा दी गई है।

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श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 पर लगा ब्रेक

Shrikhand Mahadev Yatra 2026: हिमाचल प्रदेश की मशहूर और बेहद कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 पर ब्रेक लग गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल इस यात्रा को रोका गया है और अगला आदेश आने तक यह बंद रहेगी।

जानें क्यों लिया गया बड़ा फैसला?

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए इस यात्रा पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। यह फैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत लिया गया है। एक संयुक्त टीम ने पूरे यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खतरे सामने आए हैं। भीमद्वारी से पार्वती बाग तक का रास्ता और वैकल्पिक रूट दोनों को असुरक्षित बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक रास्ते में कई दिक्कतें हैं जैसे- भूस्खलन का खतरा, बड़ी-बड़ी चट्टानों का गिरना, फ्लैश फ्लड की संभावना, ढीली और फिसलन भरी जमीन, संकरे और खतरनाक रास्ते। टीम ने यह भी कहा है कि अगर कोई हादसा होता है तो राहत और बचाव कार्य करना बहुत मुश्किल होगा।

मानसून बना बड़ा कारण

प्रशासन ने यह भी बताया कि 1 जुलाई से मानसून सक्रिय होने की संभावना है। मानसून के दौरान भूस्खलन, बादल फटना और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इसी वजह से इस बार यात्रा को रोकना जरूरी समझा गया।

कहां से शुरू होती है यात्रा और क्यों है खास

इस यात्रा को भगवान शिव के सबसे पवित्र धामों में से एक माना जाता है। यहां पहुंचना किसी साधना से कम नहीं है। भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक इसे माना जाता है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र से यह पवित्र यात्रा शुरू होती है। कठिन पहाड़ी रास्तों, बर्फीले रास्तों और ऊंची चढ़ाइयों को पार करते हुए यहां तक पहुंचा जाता है। यह पूरा मार्ग बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।

प्रशासन ने दिए निर्देश

प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि अगले 3 दिनों के अंदर सभी टेंट, कैंप, राशन स्टोर और अस्थायी ढांचे हटा दिए जाएं। साथ ही पुलिस और वन विभाग को कहा गया है कि यात्रा मार्ग पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह रोका जाए। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ BNS और अन्य कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने कहा है कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन फिलहाल लोगों की जान की सुरक्षा सबसे जरूरी है। इसलिए यह फैसला लिया गया है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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