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शनि जयंती आज, भारत में कहां है शनिदेव का सबसे बड़ा मंदिर, यहां से लें रूट से लेकर दर्शन तक पूरी जानकारी

Shani Shingnapur Travel Guide: शनि जयंती पर पढ़ें महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शनि शिंगणापुर मंदिर की आसान ट्रैवल गाइड। यहां जानें मंदिर की खासियत, दर्शन का सही समय, कैसे पहुंचें और यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें।

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भारत का सबसे बड़ा शनि मंदिर, देखें पूरी ट्रैवल गाइड

Shani Shingnapur Travel Guide: शनि जयंती का दिन शनिदेव की पूजा-अर्चना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस मौके पर देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन महाराष्ट्र का शनि शिंगणापुर धाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है। यह मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं और गहरी आस्था के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां शनिदेव खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। हर साल लाखों लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और जीवन की परेशानियों से राहत की कामना करते हैं। अगर आप भी शनि जयंती के मौके पर शनि शिंगणापुर जाने की सोच रहे हैं, तो पहले यहां की यात्रा, दर्शन व्यवस्था और जरूरी बातों की जानकारी जरूर ले लें। इससे आपकी ट्रिप आसान और आरामदायक हो सकती है।

महाराष्ट्र में है शनिदेव का प्रसिद्ध धाम

शनि शिंगणापुर मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है। यह जगह शिरडी से करीब 70 किलोमीटर दूर पड़ती है। माना जाता है कि यहां स्थापित काले पत्थर की शिला स्वयंभू शनिदेव का स्वरूप है। यही वजह है कि इस मंदिर को देश में शनिदेव का सबसे बड़ा (biggest shani mandir) और प्रसिद्ध धाम माना जाता है। यहां हर शनिवार और खासतौर पर शनि जयंती पर भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।

इस मंदिर की सबसे अनोखी बात क्या है

शनि शिंगणापुर सिर्फ मंदिर की वजह से नहीं, बल्कि अपनी परंपराओं के कारण भी अलग पहचान रखता है। यहां शनिदेव किसी छत या गर्भगृह के अंदर नहीं, बल्कि खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं। लंबे समय तक इस गांव में लोगों के घरों और दुकानों में दरवाजे तक नहीं लगाए जाते थे। लोगों का मानना है कि पूरे गांव की रक्षा खुद शनिदेव करते हैं और यहां गलत काम करने वाला उनके प्रकोप से बच नहीं पाता।

शनि शिंगणापुर कैसे पहुंचें

अगर आप यहां दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, तो सबसे आसान रास्ता शिरडी होकर जाता है। पहले आप ट्रेन, फ्लाइट या बस से शिरडी पहुंच सकते हैं। वहां से टैक्सी और बस आसानी से मिल जाती है। औरंगाबाद और अहमदनगर भी इसके नजदीकी रेलवे स्टेशन माने जाते हैं। मुंबई, पुणे और नासिक से सड़क मार्ग के जरिए भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

दर्शन के समय किन बातों का रखें ध्यान

शनि जयंती और शनिवार को यहां काफी ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में सुबह जल्दी पहुंचना बेहतर रहता है। मंदिर में श्रद्धालु सरसों का तेल, काला तिल और फूल चढ़ाकर पूजा करते हैं। कई लोग शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत पाने के लिए विशेष पूजा भी करवाते हैं। मंदिर परिसर में साफ-सफाई और नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है।

यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए जरूरी टिप्स

गर्मी के दिनों में यहां तापमान काफी ज्यादा हो सकता है, इसलिए पानी की बोतल और जरूरी सामान साथ रखें। अगर शनि जयंती या वीकेंड पर जाने का प्लान है, तो होटल पहले से बुक कर लेना बेहतर रहेगा। शिरडी और शनि शिंगणापुर दोनों जगहों के दर्शन एक ही ट्रिप में आसानी से किए जा सकते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग दोनों धार्मिक स्थलों को साथ में कवर करते हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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