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Wildlife Tourism: जंगल सफारी का बढ़ रहा है क्रेज, इन बातों का पर्यटकों को रखना चाहिए ध्यान

Travel Tips: एडवेंचर के शौकीन पर्यटक जंगल सफारी पर जाना बेहद पसंद करते हैं। जंगल सफारी जितनी रोमांचक लगती है उससे कहीं ज्यादा ये खतरनाक भी हो सकती है अगर आवश्यक सावधानी ना बरती जाए। जंगल सफारी पर जाने से पहले इन कुछ चीजों का आगंतुकों को ध्यान रखना चाहिए।

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Reality Check For Wildlife Tourism: जंगल सफारी का क्रेज मौजूदा समय में काफी ज्यादा बढ़ गया है। पर्यटक रोमांच के लिए जंगल सफारी पर जाना पसंद कर रहे हैं। हाल ही में मानस नेशनल पार्क में हुई घटना ने सभी का ध्यान खींचा है। हालात तब थोड़े खतरनाक हो गए जब एक जंगली हाथी ने पर्यटकों को सरप्राइज देने का फैसला किया। यह दृश्य किसी एक्शन फिल्म से कम नहीं था जब हाथी ने पर्यटकों के वाहन पर हमला कर दिया और दहशत का माहौल क्रिएट कर दिया।

सौभाग्य से, पार्क में मौजूद वन रक्षकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हालात को कंट्रोल किया। यह घटना एक अलार्म के रूप में काम कर सकती है कि सफारी सुरक्षा एक विकल्प नहीं बल्की एक आवश्यकता है। जंगल सफारी के दौरान चाहे कितना भी जंगली जानवर के पास आकर इंस्टाग्राम के लिए आपका तस्वीरें खींचने का मन करे, पर्यटकों को कार में ही रहना चाहिए और गाइड की बातों का अनुसरण करना चाहिए।

जानकार गाइड के साथ ट्रैवल करना हमेशा से ही अच्छा विकल्प रहता है। आपातकाल की स्थिति में भी शोर करने से बचें और वॉल्यूम कम रखें। जानवर के करीब आने पर तेज आवाज में बातचीत और अचानक हरकतें बिलकुल मत करें।

वन्यजीव पर्यटन के बढ़ते चलन के बीच नैतिक व्यवहार को बढ़ावा देना बहुत आवश्यक है। जानवरों के व्यवहार और उनके आवासों की सुरक्षा के महत्व को भी आगंतुकों को सिखाया जाना चाहिए। जागरूकता और सम्मान की संस्कृति विकसित करके किसी भी प्रकार के आपदा से बचा जा सकता है।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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