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मध्य प्रदेश को करीब से देखने के लिए चुनें होम स्टे, जानें कहां ठहरने का मिलेगा मौका, क्या रहेंगी सुविधाएं

Home Stays in Madhya Pradesh: देश के दिल मध्य प्रदेश में घूमने का मन बना रहे हैं तो यहां टूरिज्म बोर्ड की ओर से आपको कई खूबसूरत जगहों पर होम स्टे का मौका मिलेगा। इस तरह आप यहां की परंपराओं, लोक कलाओं आदि को करीब से देख और समझ सकते हैं। वहीं ये होम स्टे आपको यादगार छुट्टियों का मौका भी देंगे।

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Home Stays in Madhya Pradesh

Home Stays in Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान यहां की परंपराओं, लोक कलाओं और विविध बोलियों में रची-बसी है। यहां संस्कृति केवल संग्रहालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है, जो हर उत्सव, हर गीत और हर रंग में झलकती है। मध्यप्रदेश की आत्मा उसके जनजातीय समुदायों, लोक कलाकारों और ग्रामीण कारीगरों में बसती है। संस्कृति के ये रंग केवल भारतीय पर्यटकों बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर खींचते हैं। विश्व के पर्यटकों को मध्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति से अवगत कराने के लिए मध्य

प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा होमस्टे की अवधारणा को साकार किया गया है।

इसमें पर्यटक प्रकृति की गोद में शांति के अनुभव के साथ वहां की परंपराओं, रीति–रिवाजों, त्यौहारों, कलाओं और खान–पान का आनंद ले रहे हैं। मध्य प्रदेश के छह अनूठे सांस्कृतिक क्षेत्रों–बुंदेलखंड, बघेलखंड, महाकौशल, निमाड़, मालवा और चंबल के 120 से अधिक गांवों में 200 से अधिक होम स्टे का निर्माण कराया गया है जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ ग्रामीण परिवेश की सुखद अनुभूति पर्यटकों को हो रही है।

इन क्षेत्रों के गांवों में संचालित हैं होम स्टे

मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक क्षेत्र चंबल में लगभग 7 गांवों, मालवा में 22, निमाड़ में 17, महाकौशल में 37, बुंदेलखंड में 19 और बघेलखंड के 19 और बघेलखंड के 19 गांवों में होम स्टे का संचालन किया जा रहा है।

Connect with Culture at Home Stays in MP

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बुंदेलखंड में रहकर क्या देखें

यह जगह वीर गाथाओं और ऐतिहासिक किलों के लिए प्रसिद्ध है। बुंदेली भाषा और लोक कथाओं का केंद्र है। यहां का दीपावली उत्सव और बूंदी के लड्डुओं की मिठास पर्यटकों को आकर्षित करती है। विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव, सांस्कृतिक उत्सव का अनूठा प्रदर्शन है। वहीं भूरा रोटी, कोदो-कुटकी पुलाव, बैंगन का भरता, महुआ के लड्डू आदि चखने लायक व्यंजन हैं।

बघेलखंड में देखें प्रकृति और संस्कृति का मेल

रीवा और सतना जैसे क्षेत्रों में बसे बघेलखंड में बघेली भाषा और आदिवासी परंपराएं जीवंत हैं। यहां का मडई उत्सव जिसमें आदिवासी समुदाय अपनी कला और नृत्य का प्रदर्शन करते हैं और सामुदायिक एकता को प्रदर्शित करते हैं। बघेलखंड की गोंड और कोल जनजातियां अपनी अनूठी चित्रकला और लोक संगीत से सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देती हैं। यहां आने पर डुबकी वाले आलू, कढ़ी-चावल, सत्तू पराठा, तिलकुट, ठेकुआ आदि का आनंद लें।

MP Tourism Home Stays

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महाकौशल में है इतिहास और आध्यात्मिकता का केंद्र

जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में फैला महाकौशल अपनी हिंदी और छत्तीसगढ़ी प्रभाव वाली बोली के साथ जाना जाता है। त्रिपुरी नृत्य और दशहरा उत्सव यहां की सांस्कृतिक पहचान हैं। नर्मदा जयंती जैसे त्योहार इस क्षेत्र की आध्यात्मिकता और पर्यावरण के प्रति सम्मान को दर्शाते हैं। इधर आकर स्वीटकॉर्न वड़ा, पोहा जलेबी, कोदो कुटकी की खीर, सिक्या खीर आदि पारंपरिक व्यंजनों का जरूर आनंद लें।

निमाड़ है रंग-बिरंगे उत्सवों का गढ़

निमाड़ अपनी बोली और जीवंत लोक संस्कृति के लिए जाना जाता है। यह जगह भगोरिया हाट उत्सव के लिए प्रसिद्ध है जिसमें युवा अपने जीवनसाथी चुनते हैं। भील और भिलाला जनजातियों की पारंपरिक कला और शिल्प इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को और समृद्ध करते हैं। यहां आपको बाफला रोटी और दाल, चक्‍की की शाक, भरता, मालपुआ, खोपरापाक, दाल पानीये जैसे प्रसिद्ध व्यंजन मिलेंगे।

साहित्य और संगीत का स्वर्ग है मालवा

उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों वाला मालवा, मालवी भाषा और साहित्यिक परंपराओं का केंद्र है। यहां का तानसेन संगीत समारोह और रंगपंचमी उत्सव सांस्कृतिक जीवंतता को दर्शाते हैं। मालवा की लोक कथाएं और भक्ति संगीत इस क्षेत्र को एक अनूठा सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान करते हैं। पोहा-जलेबी, भुट्टे का कीस, दाल बाफला, सेव टमाटर की सब्जी, इंदौरी चाट और नमकीन मध्य प्रदेश आने वाले हर पर्यटक की पहली पसंद होते हैं।

वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत का क्षेत्र चंबल

चंबल में कला, वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध परंपरा यहां देखने को मिलती है। चंबल में चंबली बोली और लोक नृत्य प्रसिद्ध हैं। बेड़ई आलू, बेसन की रोटी और लहसुन की चटनी, गोंद के लड्डू यहां के पांरपरिक व्यंजन हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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