Gita Mahotsav 2023: अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव (International Gita Mahotsav) - 2023 का भव्य आयोजन 7 दिसंबर से हरियाणा (Haryana) के कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) में शुरू हो गया है। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव (International Gita Mahotsav 2023) 24 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान श्रीमद्भगवद गीता (Srimad Bhagvad Gita) की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला जाएगा। इस साल असम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में भागीदार राज्य के रूप में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 17 दिसंबर को ब्रह्म सरोवर (Brahma Sarovar) पर गीता यज्ञ और पूजा-अर्चना के साथ मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।
इस बार 18 दिनों का होगा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव
इस बार अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 18 दिनों का होगा, जो पहले 16 दिनों का होता था। गीता महोत्सव की शुरुआत साल 1989 में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की एक पहल के रूप में जिलास्तरीय उत्सव के रूप में हुई थी। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र को गीता की शिक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में मान्यता देने के लिए प्रतिबद्धता जताई। गीत महोत्सव 2016 में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में बदल गया। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2016 से भारत से आगे बढ़कर मॉरीशस, लंदन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच गया है। सरकार की इस त्योहार को अप्रैल महीने में संयुक्त राज्य अमेरिका में मनाने की योजना है।
कुरुक्षेत्र वह भूमि है जहां माना जाता है कि दिव्य गीत भगवद् गीता भगवान कृष्ण ने अर्जुन को सुनाया था। कुरुक्षेत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रसिद्ध ऋषि मनु ने यहीं मनुस्मृति लिखी थी। ऋग्वेद और सामवेद की रचना भी यहीं हुई थी। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान पूरे भारत से श्रद्धालु और तीर्थयात्री कुरूक्षेत्र में एकत्र होते हैं। पवित्र तालाबों - सन्निहित सरोवर और ब्रह्म सरोवर के पवित्र जल में स्नान करना हर किसी के द्वारा पालन की जाने वाली एक रस्म है। अनेक गतिविधियों के आयोजन से पूरा वातावरण दिव्य और आध्यात्मिक हो जाता है।
अगर आप इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आना चाहते हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि आप यहां कैसे पहुंच सकते हैं।
फ्लाइट
अगर आप यहां फ्लाइट के माध्यम से आना चाहते हैं तो यहां से सबसे पास का एयरपोर्ट चंडीगढ़। चंडीगढ़ से यहां की दूरी करीब 82 किलोमीटर है।
ट्रेन
अगर आप ट्रेन से यहां आने का सोच रहे हैं तो बता दें कि कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन मुख्य दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर स्थित है। देश के महत्वपूर्ण शहरों से कुरुक्षेत्र के लिए डायरेक्ट ट्रेनें हैं। कुरुक्षेत्र के पास का दूसरा रेलवे स्टेशन अम्बाला छावनी है, जो कुरुक्षेत्र से 44 किलोमीटर दूर है। दिल्ली से उत्तर की ओर जाने वाली कई रेलगाड़ियां कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन में रुकती हैं।
कार/बस
कुरुक्षेत्र सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। दिल्ली से कुरुक्षेत्र की दूरी 160 किलोमीटर, करनाल से 39 किलोमीटर और अंबाला से 40 किलोमीटर है। आप अपनी कार से भी यहां आसानी से पहुंच सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड, हरियाणा पर्यटन, जिला प्रशासन, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग हरियाणा की ओर से किया जा रहा है।
