Travel Anxiety: हाल ही में मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर ने अपनी ट्रैवल ऐंग्जायटी यानी यात्रा से जुड़ी चिंता के बारे में बात की है। यात्रा के दौरानन बहुत से लोग इस तरह की परेशानी से गुजरते हैं। करण ने कहा कि उनकी चिंता तो यात्रा शुरू होने से पहले ही बढ़ने लगती है। वो एयरपोर्ट पर बहुत पहले पहुंच जाते हैं कई बार तो तब भी, जब स्टाफ तक नहीं आया होता है। एयरपोर्ट लाउंज में बैठकर वो बार-बार अपना पासपोर्ट और बोर्डिंग पास चेक करते रहते हैं।
विमान में बैठने के बाद भी उन्हें हर एनाउंसमेंट, मौसम की जानकारी, उड़ान की अवधि सब कुछ टेंशन देता है। करण कहते हैं, 'अगर कहा जाए कि फ्लाइट स्मूद जाएगी, तो मैं थोड़ी राहत महसूस करता हूं। वरना मैं पूरे टाइम टेंशन में रहता हूं और स्क्रीन पर मैप ही देखता रहता हूं, आराम नहीं कर पाता।'
असल में, ट्रैवल ऐंग्जायटी सिर्फ करण जौहर की नहीं बहुत से यात्रियों की समस्या है। ये डर ऊंचाई, बंद जगहों, उड़ान के डर, या यात्रा की अनिश्चितता से भी हो सकता है। इसमें दिल जोर से धड़कना, पसीना आना, घबराहट, बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
लेकिन अच्छी बात ये है कि इसे कंट्रोल किया जा सकता है। सबसे पहले, अपनी चिंता को समझना और मान लेना जरूरी है। जब आपको पता होता है कि ये एक आम रिएक्शन है, तो थोड़ा आराम महसूस होता है। दूसरा, अच्छी प्लानिंग जैसे पैकिंग पहले से कर लेना, लिस्ट बना लेना, और समय पर एयरपोर्ट पहुंचना टेंशन कम कर देता है।
इसके अलावा, ग्राउंडिंग तकनीकें, जैसे गहरी सांसें लेना या अपने आसपास की चीजों पर ध्यान देना, आपको शांत कर सकता है। पसंदीदा संगीत, किताब, या कोई छोटा सा कम्फर्ट आइटम साथ रखना भी मदद करता है। किसी से बात करना, अपनी परेशानी शेयर करना भी बहुत काम आता है। करण जौहर ने जैसे अपनी समस्या खुलकर बताई, उससे कई लोग अपनी परेशानियों को समझने लगे।
