जब भी लोग दार्जिलिंग, गंगटोक या सिक्किम घूमने की योजना बनाते हैं, तो Bagdogra का नाम जरूर सामने आता है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के पास स्थित यह छोटा-सा शहर पर्यटन की दुनिया में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बागडोगरा एक शांत और साधारण सी जगह है, जहां आपको जिंदगी में एक बार आना ही चाहिए।
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बागडोगरा खुद तो बहुत सुंदर है, लेकिन इसी के साथ साथ यहां से हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियों, चाय बागानों और पूर्वोत्तर भारत के कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों तक पहुंचा जाता है। हर साल हजारों पर्यटक यहां उतरते हैं और फिर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। अगर आप भी प्रकृति, पहाड़ों और शांत वातावरण के बीच कुछ दिन बिताने का सपना देख रहे हैं, तो बागडोगरा आपके सफर की शानदार शुरुआत बन सकता है। आइए जानते हैं कि यह जगह क्यों खास है, यहां कब जाना चाहिए और कैसे पहुंचा जा सकता है।
क्यों मशहूर है बागडोगरा?
बागडोगरा मुख्य रूप से अपने एयरपोर्ट की वजह से प्रसिद्ध है। इसे दार्जिलिंग, गंगटोक, कालिम्पोंग और डूअर्स जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार माना जाता है। इसके आसपास फैले हरे-भरे चाय बागान और पहाड़ी नजारे भी यात्रियों को आकर्षित करते हैं।
बागडोगरा में क्या देखें?
हालांकि अधिकतर लोग यहां से आगे निकल जाते हैं, लेकिन आसपास के इलाकों में प्राकृतिक सुंदरता की कोई कमी नहीं है। चाय के बागान, महानंदा वन्यजीव अभयारण्य और सिलीगुड़ी के स्थानीय बाजार घूमने लायक हैं। यहां का शांत वातावरण शहरों की भागदौड़ से राहत देता है।
घूमने का सबसे अच्छा समय
बागडोगरा घूमने के लिए अक्टूबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और आसपास के पहाड़ी इलाकों की यात्रा भी आराम से की जा सकती है। मानसून में हरियाली तो खूब होती है, लेकिन भारी बारिश यात्रा को प्रभावित कर सकती है।
कैसे पहुंचें?
बागडोगरा पहुंचने का सबसे आसान तरीका हवाई यात्रा है। बागडोगरा एयरपोर्ट देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन यहां का सबसे नजदीकी प्रमुख रेल स्टेशन है। सड़क मार्ग से भी सिलीगुड़ी और आसपास के शहरों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
