Zomato Platform Fees: नए साल की पूर्व संध्या पर रिकॉर्ड फूड ऑर्डर से उत्साहित फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने प्रमुख बाजारों में अपने अनिवार्य प्लेटफॉर्म शुल्क को तीन रुपये से बढ़ाकर चार रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया है। नई दरें एक जनवरी से प्रभावी हो गईं। पिछले साल अगस्त में जोमैटो ने अपने मार्जिन में सुधार करने और लाभदायक बनने के लिए दो रुपये का प्लेटफॉर्म शुल्क लगाया था जिसे बाद में बढ़ाकर तीन रुपये कर दिया गया था। अब 1 जनवरी से इसे फिर से बढ़ाकर चार रुपये कर दिया। नया प्लेटफॉर्म शुल्क जोमैटो गोल्ड सहित सभी ग्राहकों पर लगाया गया है।
डिलिवरी शुल्क पर मिला है GST नोटिस
भले ही जोमैटो प्लेटफॉर्म शुल्क में बढ़ोतरी कर रही है। लेकिन उसे हाल ही में डिलिवरी शुल्क को लेकर जीएसटी नोटिस मिल चुका है। जोमैटो लिमिटेड को डिलीवरी शुल्क को लेकर 401.7 करोड़ रुपये की जीएसटी देनदारी का कारण बताओ नोटिस मिला है। हालांकि कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में दावा किया कि वह राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि डिलीवरी साझेदारों की ओर से डिलीवरी शुल्क लिया जाता है।
जोमैटो के अनुसार, कंपनी को 26 दिसंबर 2023 को केंद्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 74(1) के तहत जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (पुणे जोनल इकाई) से कारण बताओ नोटिस (एससीएन) मिला।कंपनी ने जोर देकर कहा कि उसका मानना है कि वह किसी भी कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है क्योंकि डिलीवरी शुल्क डिलीवरी भागीदारों की ओर से कंपनी द्वारा एकत्र किया जाता है।जोमैटा ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि वह कारण बताओ नोटिस का उचित जवाब देगी।
31 दिसंबर को रिकॉर्ड ऑर्डर
इस बीच कंपनी को नव वर्ष की पूर्व संध्या पर रिकॉर्ड ऑर्डर मिले हैं। जोमैटो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दीपिंदर गोयल ने अपने पोस्ट में कहा कि नए साल की पूर्व-संध्या पर उनके प्लेटफॉर्म को 2015-2020 के दौरान नव-वर्ष की पूर्व-संध्या पर संयुक्त रूप से मिले ऑर्डर जितने ऑर्डर मिले। जोमैटो के स्वामित्व वाले त्वरित वाणिज्य आपूर्ति मंच ब्लिंकिट के सह-संस्थापक एवं सीईओ अलबिंदर ढींढसा ने एक पोस्ट में कहा कि इसे एक दिन में अबतक के सबसे अधिक ऑर्डर और प्रति मिनट ऑर्डर मिले।
