टेक एंड गैजेट्स

Zomato CEO को मॉल की लिफ्ट में नहीं मिली एंट्री, सिक्योरिटी गार्ड्स ने कहा- सीढ़ियों से जाओ

Zomato CEO turned delivery boy: उन्होंने कहा, "हम हल्दीराम से ऑर्डर लेने गुरुग्राम के एंबियंस मॉल पहुंचे। मुझे दूसरे प्रवेश द्वार से जाने को कहा गया, लेकिन मुझे एहसास हुआ कि वे मुझे सीढ़ियों से जाने को कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें तीसरी मंजिल तक जाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ा।

Image

Zomato CEO Turns Delivery Agent (image-X)

Zomato CEO Turns Delivery Agent: जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम के एक मॉल ने उन्हें डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के तौर पर खाने का ऑर्डर लेने के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें तीसरी मंजिल तक जाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ा। बता दें कि इन दिनों जोमैटो के सीईओ जोमैटो डिलीवरी एजेंट की भूमिका निभा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के तौर पर उनके साथ हुए मॉल में भेदभाव को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इस पोस्ट में एक वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें दीपिंदर मॉल में एंट्री करते हैं और उन्हें दूसरे रास्ते से जाने के लिए कहा जाता है। उन्होंने लिखा," अपने दूसरे ऑर्डर के दौरान, मुझे एहसास हुआ कि हमें सभी डिलीवरी पार्टनर्स के लिए काम करने की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए मॉल्स के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। और मॉल्स को भी डिलीवरी पार्टनर्स के प्रति ज़्यादा मानवीय होने की जरूरत है। आप क्या सोचते हैं?"

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, गोयल अपनी पत्नी ग्रीसिया मुनोज के साथ डिलीवरी बॉय की चुनौतियों का प्रत्यक्ष अनुभव करने के लिए डिलीवरी पार्टनर की भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन अपने दूसरे ऑर्डर के दौरान जब वे ऑर्डर लेने एम्बिएंस मॉल गए तो उन्हें सीढ़ियों से जाने के लिए कहा गया।

उन्होंने कहा, "हम हल्दीराम से ऑर्डर लेने गुरुग्राम के एंबियंस मॉल पहुंचे। मुझे दूसरे प्रवेश द्वार से जाने को कहा गया, लेकिन मुझे एहसास हुआ कि वे मुझे सीढ़ियों से जाने को कह रहे हैं। मैं फिर से मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर गया, ताकि यह सुनिश्चित कर सकूं कि डिलीवरी पार्टनर के लिए कोई लिफ्ट तो नहीं है।"

गोयल ने दावा किया कि वह सीढ़ियों से तीसरी मंजिल पर गए, क्योंकि उन्हें पता था कि डिलीवरी पार्टनर मॉल में प्रवेश नहीं कर सकते हैं और उन्हें ऑर्डर प्राप्त करने के लिए सीढ़ियों पर इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि जब सीढ़ी पर तैनात गार्ड ने "थोड़ा ब्रेक लिया" तो वह ऑर्डर लेने के लिए अंदर घुसने में सफल हो गए।

पोस्ट पर आ रहे नेटिजेंस के रिएक्शन

दीपिंदर गोयल की इस पोस्ट पर अब तरह-तरह के रिएक्शन आ रहे हैं। उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने कहा कि सिर्फ मॉल ही नहीं बल्कि कई सोसाइटियों में भी डिलीवरी पार्टनर्स को मुख्य लिफ्ट में जाने की अनुमति नहीं है। एक यूजर ने कहा, "हर सोसायटी, हर मॉल और हर कार्यालय को डिलीवरी पार्टनर्स को नॉर्मल लोगों की तरह लिफ्ट का इस्तेमाल करने देना चाहिए।"

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article