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हफ्ते में 3 दिन ऑफिस से करें काम नहीं तो कट जाएगी सैलरी, HCL कर्मचारियों को निर्देश

Work From Office Compulsory In HCL: एचसीएल के डीएफएस (डिजिटल फाउंडेशन सर्विसेज) डिवीजन में 80,000 कर्मचारी हैं। इसके अलावा, कंपनी के आदेश में कहा गया है कि ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले नए लोगों को सप्ताह में सभी पांच दिन ऑफिस से काम करना होगा।

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एचसीएल टेक्नोलॉजीज

Photo : iStock

Work From Office Compulsory In HCL: आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने वर्क फ्रॉम होम खत्म करते हुए अपने कर्मचारियों को सैलरी कटने से बचने के लिए हफ्ते में कम से कम 3 दिन ऑफिस आने का निर्देश दिया है। नोएडा मुख्यालय वाली आईटी कंपनी ने सभी कर्मचारियों, जो डिजिटल फाउंडेशन सर्विसेज (डीएफएस) का हिस्सा हैं, 19 फरवरी से सप्ताह में कम से कम तीन दिन ऑफिस आने के लिए कहा है।

वर्क फ्रॉम होम खत्म कर रहीं कंपनियां

बता दें कि कोविड काल की चिंताएं खत्म होने के बाद अब अधिकांश कंपनियां वर्क फ्रॉम होम खत्म कर रही हैं। अब एचसीएल ने भी वर्क फ्रॉम होम खत्म करने की घोषणा कर दी है। सोमवार 19 फरवरी से कर्मचारियों को कम से कम तीन दिन ऑफिस आने के निर्देश दिए गए हैं।

80,000 कर्मचारी पर पड़ेगा असर

बता दें कि एचसीएल के डीएफएस (डिजिटल फाउंडेशन सर्विसेज) डिवीजन में 80,000 कर्मचारी हैं। इसके अलावा, कंपनी के आदेश में कहा गया है कि ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले नए लोगों को सप्ताह में सभी पांच दिन ऑफिस से काम करना होगा। दिशानिर्देशों का अनुपालन न करने पर... इसे अनधिकृत अनुपस्थिति माना जाएगा और कंपनी की नीति के अनुरूप अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

अन्य कंपनियां भी कर्मचारियों को बुला रहीं ऑफिस

एचसीएल टेक के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी एक हाइब्रिड कार्य मॉडल का पालन करती है, जिसमें कर्मचारियों को सप्ताह में तीन दिन ऑफिस से काम करना होता है। बता दें कि अन्य आईटी कंपनियां जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस और विप्रो भी अपने कर्मचारियों को ऑफिस से काम करने के लिए कह रही हैं। टीम वर्क को बढ़ावा देने, व्यक्तिगत बातचीत की सुविधा प्रदान करने और ऑफिस कल्चर को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों को ऑफिस बुलाया जा रहा है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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