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AI Cyber ​​risk: AI आने से बिजनेस का साइबर रिस्क बढ़ा, बचाव पर निवेश जरूरी

AI Cyber ​​risk: उपयोगकर्ताओं को साइबर जोखिम से बचने के लिए अपना पासवर्ड भी पर्याप्त मजबूत रखने की जरूरत है। साइबर अपराधी दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर लाने और कई उपयोगकर्ताओं के विरुद्ध स्वचालित हमले करने के लिए नए तरीकों से एआई का उपयोग कर रहे हैं। इनमें चैटजीपीटी के उपयोग से लेकर यूजर्स के स्मार्टफोन इनपुट की निगरानी के लिए एआई प्रोग्राम का दुरुपयोग करना (संभावित रूप से संदेश, पासवर्ड और बैंक कोड कैप्चर करना) तक शामिल है।

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साइबर सुरक्षा में निवेश करने की जरूरत।

Photo : iStock

AI Cyber risk: कृत्रिम मेधा (एआई) को तेजी से अपनाने से वृद्धि को बढ़ावा मिला है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधियों के लिए भी परिष्कृत हमलों में एआई का दुरुपयोग करने के रास्ते खुल गए हैं। वैश्विक साइबर सुरक्षा और डिजिटल प्राइवेसी कंपनी कैस्परस्काई ने इन जोखिमों का जिक्र करते हुए कहा है कि उसने नए युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यवसायों के सक्रिय साइबर सुरक्षा में निवेश करने की जरूरत पर प्रकाश डाला है।

कैस्परस्काई ने कहा कि वह अपने उत्पादों में एआई का समावेश कर रही है तथा खतरों का मुकाबला करने तथा प्रौद्योगिकियों को साइबर हमलों के नए और उभरते रूपों के प्रति अधिक प्रतिरोधी बनाकर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए एआई मॉडलों का उपयोग कर रही है।

नए तरीकों से एआई का उपयोग हमला करने के लिए हो रहा

साइबर सुरक्षा कंपनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि साइबर अपराधी दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर लाने और कई उपयोगकर्ताओं के विरुद्ध स्वचालित हमले करने के लिए नए तरीकों से एआई का उपयोग कर रहे हैं। इनमें चैटजीपीटी के उपयोग से लेकर उपयोगकर्ताओं के स्मार्टफोन इनपुट की निगरानी के लिए एआई प्रोग्राम का दुरुपयोग करना (संभावित रूप से संदेश, पासवर्ड और बैंक कोड कैप्चर करना) तक शामिल है।

दुनिया भर में 2,20,000 कारोबारों को इन जोखिमों से बचाने में की मदद

कंपनी ने 2023 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उसने दुनिया भर में 2,20,000 कारोबारों को इन जोखिमों से बचाने में मदद की और अपने समाधानों और उत्पादों के साथ लगभग 6.1 अरब हमलों को रोका। इस दौरान, 3,25,000 विशिष्ट उपयोगकर्ताओं को बैंकिंग ट्रोजन पर आधारित संभावित धन चोरी से बचाया गया। कंपनी ने 2024 में हर दिन औसतन 4,11,000 से अधिक दुर्भावनापूर्ण नमूनों का पता लगाया है, जबकि एक साल पहले यह संख्या 4,03,000 थी।

कैस्परस्काई में वैश्विक शोध एवं विश्लेषण टीम के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ विटाली कामलुक ने पीटीआई-भाषा से कहा, "जितने साइबर हमले हो रहे हैं, वे केवल मानव संसाधनों से संभव नहीं हैं। हमलावर स्वचालन का उपयोग करते हैं... एआई का लाभ उठाने का प्रयास करते हैं।"

इसके साथ ही उपयोगकर्ताओं को साइबर जोखिम से बचने के लिए अपना पासवर्ड भी पर्याप्त मजबूत रखने की जरूरत है। कैस्परस्काई के प्रमुख डेटा वैज्ञानिक एलेक्सी एंटोनोव ने कहा, "करीब 32 प्रतिशत उपयोगकर्ताओं के पासवर्ड पर्याप्त मजबूत नहीं हैं। उन्हें सरल ब्रूट-फोर्स एल्गोरिदम और आधुनिक जीपीयू 4090 का उपयोग करके 60 मिनट से भी कम समय में हासिल किया जा सकता है।"

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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