चीनी और प्याज से लेकर अंडे तक महंगे हो गए हैं और इसी के बीच स्मार्टफोन भी महंगे हुए हैं। हाल के दिनों में अलग-अलग कंपनियों के कई स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। OnePlus, Samsung और iQOO जैसे ब्रांडों के करीब 80 मॉडल महंगे हुए हैं और वह भी महज 10-15 दिनों में। ओप्पो और सैमसंग ने तो अपने फोन की कीमत में 10,000 रुपये तक का इजाफा किया है। ऐसे में सवाल है कि आखिर कंपनियां फोन के दाम क्यों बढ़ा रही हैं और क्या आने वाले दिनों में नए स्मार्टफोन भी महंगे हो सकते हैं?
स्मार्टफोन में 'कच्चा माल' क्या होता है?
चीनी या अंडे की तरह स्मार्टफोन में भी ऐसे कई जरूरी हिस्से होते हैं, जिनके बिना फोन तैयार नहीं हो सकता। इनमें चिपसेट, RAM, स्टोरेज, डिस्प्ले, कैमरा मॉड्यूल, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट शामिल हैं। किसी स्मार्टफोन की Bill of Materials यानी BOM में इन कंपोनेंट की लागत का बड़ा हिस्सा होता है। इसलिए इनमें से कुछ प्रमुख हिस्सों की कीमत बढ़ने पर फोन की कुल उत्पादन लागत भी बढ़ सकती है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी फोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप की कीमत बढ़ जाती है, तो कंपनी को हर फोन के निर्माण पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। बड़ी मात्रा में उत्पादन करने वाली कंपनियों के लिए यह अतिरिक्त लागत काफी बड़ी रकम बन सकती है।
OnePlus, Samsung और iQOO के फोन हुए महंगे
हाल के दिनों में कई लोकप्रिय स्मार्टफोन ब्रांडों के कुछ मॉडल की कीमतें बढ़ी हैं। OnePlus के कुछ Nord सीरीज स्मार्टफोन की कीमतों में 4,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई। Samsung के Galaxy M17 5G, Galaxy F17 5G और Galaxy F70e 5G जैसे मॉडल के अलग-अलग वेरिएंट भी महंगे हुए। Samsung Galaxy S25 की कीमत में 12,000 रुपये तक का इजाफा हुआ है।
Samsung के कुछ वेरिएंट में कीमत बढ़ने का अंतर 1,000 रुपये से 3,000 रुपये तक बताया गया। वहीं iQOO के कुछ प्रीमियम स्मार्टफोन की कीमतों में भी बदलाव हुआ। उदाहरण के तौर पर iQOO 15 के बेस वेरिएंट की कीमत में बड़ा उछाल देखने को मिला। इस तरह की कीमत बढ़ोतरी बताती है कि कंपनियां अपनी लागत और मार्जिन को संतुलित करने के लिए मौजूदा मॉडल की कीमतों में बदलाव कर रही हैं।
चिपसेट और मेमोरी की कीमत का बड़ा असर
स्मार्टफोन की लागत पर चिपसेट और मेमोरी जैसे कंपोनेंट का काफी असर पड़ता है। आज के स्मार्टफोन में ज्यादा RAM और स्टोरेज की मांग बढ़ रही है। साथ ही AI फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए कंपनियां ज्यादा पावरफुल चिपसेट का इस्तेमाल कर रही हैं। अगर इन कंपोनेंट की कीमत बढ़ती है, तो फोन की लागत बढ़ सकती है। कंपनी के पास तब कुछ विकल्प होते हैं या तो वह अपना मुनाफा कम करे, फीचर्स में बदलाव करे या फिर कीमत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाले।
डॉलर महंगा होने पर फोन पर क्यों पड़ता है असर?
भारत में बहुत से स्मार्टफोन देश में असेंबल या मैन्युफैक्चर होते हैं, लेकिन उनके कई जरूरी कंपोनेंट वैश्विक सप्लाई चेन से आते हैं। ऐसे में डॉलर और रुपये की विनिमय दर भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अगर रुपये की तुलना में डॉलर मजबूत होता है, तो डॉलर में खरीदे जाने वाले कंपोनेंट भारतीय कंपनियों के लिए महंगे पड़ सकते हैं। इससे उत्पादन लागत बढ़ सकती है और उसका कुछ असर फोन की कीमत पर आ सकता है। इसे भी रोजमर्रा के उदाहरण से समझ सकते हैं। अगर कोई दुकानदार बाहर से आने वाला सामान डॉलर में खरीदता है और डॉलर महंगा हो जाता है, तो उसे वही सामान खरीदने के लिए ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
| स्मार्टफोन | RAM/स्टोरेज | पुरानी कीमत | नई कीमत | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|
| Vivo Y51 Pro 5G | 8GB + 128GB | ₹30,999 | ₹32,999 | ₹2,000 |
| Vivo Y51 Pro 5G | 8GB + 256GB | ₹33,999 | ₹37,999 | ₹4,000 |
| Vivo Y31 5G | 6GB + 128GB | ₹25,999 | ₹27,999 | ₹2,000 |
| Vivo Y31 5G | 6GB + 256GB | ₹28,999 | ₹31,999 | ₹3,000 |
| Vivo Y21 | 4GB + 128GB | ₹20,999 | ₹22,499 | ₹1,500 |
| Vivo Y11 | 4GB + 128GB | ₹18,999 | ₹20,999 | ₹2,000 |
| Vivo Y19s | 4GB + 64GB | ₹10,999 | ₹14,999 | ₹4,000 |
| Vivo Y19s | 4GB + 128GB | — | ₹15,999 | — |
| Vivo Y19s | 6GB + 128GB | — | ₹17,499 | — |
क्या हर फोन महंगा होगा?
जरूरी नहीं। कंपनियां कीमत बढ़ाने का फैसला हर मॉडल के लिए अलग-अलग करती हैं। जिस फोन की बिक्री ज्यादा है, उसकी कीमत बढ़ाने पर बिक्री प्रभावित होने का खतरा रहता है। ऐसे में कंपनी कीमत स्थिर रखकर अपना मार्जिन कम कर सकती है या ऑफर के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है। दूसरी तरफ, जिस मॉडल की उत्पादन लागत ज्यादा बढ़ गई हो या जिसका मार्जिन पहले से कम हो, उसकी कीमत बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है।
खरीदारों पर क्या होगा असर?
अगर स्मार्टफोन की कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर ग्राहकों के बजट पर पड़ सकता है। खास तौर पर बजट और मिड-रेंज सेगमेंट में इसका असर ज्यादा महसूस हो सकता है, क्योंकि यहां ग्राहक कीमत को लेकर ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
ऐसी स्थिति में खरीदारों को फोन खरीदने से पहले अलग-अलग ब्रांड और मॉडल की कीमतों की तुलना करनी चाहिए। बैंक ऑफर, एक्सचेंज डिस्काउंट और सेल के दौरान मिलने वाली छूट से बढ़ी हुई कीमत का असर कुछ कम किया जा सकता है।
क्या आने वाले दिनों में फोन और महंगे होंगे?
यह कहना जल्दबाजी होगी कि हर स्मार्टफोन की कीमत बढ़ेगी। कीमतों का भविष्य चिपसेट, मेमोरी और दूसरे कंपोनेंट की लागत, रुपये की स्थिति, वैश्विक सप्लाई चेन और कंपनियों की रणनीति पर निर्भर करेगा। अगर उत्पादन लागत पर दबाव बना रहता है, तो कुछ स्मार्टफोन की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं प्रतिस्पर्धा ज्यादा होने पर कंपनियां कीमत बढ़ाने के बजाय अपने मार्जिन को कम रखने का विकल्प भी चुन सकती हैं।
| स्मार्टफोन | RAM/स्टोरेज | पुरानी कीमत | नई कीमत | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|
| OnePlus Nord CE 6 Lite | 6GB + 128GB | ₹25,999 | ₹28,999 | ₹3,000 |
| OnePlus Nord CE 6 Lite | 8GB + 128GB | ₹27,999 | ₹30,999 | ₹3,000 |
| OnePlus Nord CE 6 Lite | 8GB + 256GB | ₹30,999 | ₹34,999 | ₹4,000 |
| OnePlus Nord 6 | 8GB + 256GB | ₹44,999 | ₹46,999 | ₹2,000 |
| OnePlus Nord 6 | 12GB + 256GB | ₹50,999 | ₹52,999 | ₹2,000 |
| OnePlus Nord CE 6 | 6GB + 128GB | ₹25,999 | ₹28,999 | ₹3,000 |
| OnePlus Nord CE 6 | 8GB + 128GB | ₹27,999 | ₹30,999 | ₹3,000 |
| OnePlus Nord CE 6 | 8GB + 256GB | ₹30,999 | ₹34,999 | ₹4,000 |
| OnePlus N6 | 4GB + 128GB | ₹22,999 | ₹24,999 | ₹2,000 |
| OnePlus N6 | 6GB + 128GB | ₹24,999 | ₹26,999 | ₹2,000 |
| OnePlus N6x | 4GB + 64GB | ₹18,999 | ₹20,999 | ₹2,000 |
| OnePlus N6x | 4GB + 128GB | ₹20,999 | ₹22,999 | ₹2,000 |
आसान भाषा में समझें पूरी कहानी
स्मार्टफोन की कीमत बढ़ने की प्रक्रिया को चीनी और अंडे के उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। जब किसी सामान को बनाने या बाजार तक पहुंचाने की लागत बढ़ती है, तो उसकी अंतिम कीमत पर भी असर पड़ सकता है। स्मार्टफोन में चीनी या अंडे की जगह चिपसेट, RAM, स्टोरेज, डिस्प्ले और कैमरा जैसे कंपोनेंट होते हैं।
इसलिए अगर इन 'कच्चे माल' की लागत बढ़ती है, तो कंपनियों के सामने कीमत बढ़ाने का विकल्प आता है। पिछले दिनों OnePlus, Samsung और iQOO के कुछ फोन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को भी इसी व्यापक लागत दबाव के संदर्भ में देखा जा सकता है।
हालांकि, ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि सभी फोन एक साथ महंगे होना जरूरी नहीं है। प्रतिस्पर्धा, ऑफर्स और कंपनियों की रणनीति कीमतों को प्रभावित करती रहेगी। इसलिए नया स्मार्टफोन खरीदने से पहले सिर्फ स्पेसिफिकेशन नहीं, बल्कि मौजूदा कीमत, ऑफर और आने वाले प्राइस ट्रेंड को भी ध्यान में रखना समझदारी होगी।