इन बातों का रखें ख्याल
2. कूलिंग पैड्स और आइस चैंबर: बेहतर ठंडक के लिए हमेशा हनीकॉम्ब पैड्स (Honeycomb Pads) वाला कूलर ही लें। ये पैड्स लकड़ी की घास (Aspen pads) के मुकाबले ज्यादा पानी सोखते हैं, लंबे समय तक चलते हैं और इनमें मेंटेनेंस भी कम लगती है। साथ ही, यह जरूर देखें कि कूलर में 'आइस चैंबर' है या नहीं; भीषण गर्मी में बर्फ का इस्तेमाल कूलिंग को दोगुना कर देता है।
3. टैंक कैपेसिटी और वॉटर अलार्म: कूलर की टंकी इतनी बड़ी होनी चाहिए कि वह पूरी रात चल सके। छोटे कमरों के लिए 20-30 लीटर और बड़े कमरों के लिए 50-70 लीटर की क्षमता पर्याप्त होती है। सुरक्षा के लिए 'वॉटर लेवल इंडिकेटर' और 'एम्प्टी टैंक अलार्म' वाले मॉडल चुनें ताकि टंकी खाली होने पर मोटर जलने का खतरा न रहे। साथ ही, बिजली बचाने के लिए इन्वर्टर-फ्रेंडली मॉडल को प्राथमिकता दें।
4. Noise लेवल और फीचर्स: शांति भरी नींद के लिए कूलर का Noise Level (शोर) कम होना चाहिए। इसके अलावा, अपनी सुविधा के लिए रिमोट कंट्रोल, टाइमर सेटिंग और डस्ट फिल्टर जैसे आधुनिक फीचर्स जरूर चेक करें। डस्ट फिल्टर न केवल ठंडी हवा देता है, बल्कि हवा से धूल-मिट्टी साफ कर उसे सेहतमंद भी बनाता है।
5. ब्रांड वैल्यू और वारंटी: हमेशा नामी और भरोसेमंद ब्रांड का ही कूलर खरीदें। स्थानीय (Local) कूलर सस्ते जरूर होते हैं, लेकिन उनकी मोटर और प्लास्टिक की क्वालिटी कमजोर होती है। एक अच्छा ब्रांड कम से कम 1 साल की वारंटी और बेहतर 'आफ्टर-सेल्स सर्विस' सुनिश्चित करता है, जिससे भविष्य में रिपेयरिंग की चिंता नहीं रहती।
