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वॉयस मैसेज लिखकर बताएगा WhatsApp, आने वाला है धांसू फीचर

WhatsApp Transcription Feature: मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफार्म व्हाट्सएप नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है जो आपको वॉयस मैसेज को लिखकर बताएगा। इस फीचर को पांच भाषाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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WhatsApp Transcription Feature

WhatsApp Transcription Feature: मैसेजिंग और चैटिंग के लिए यदि आप भी व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफार्म एक नए ट्रांसक्रिप्शन फीचर पर काम कर रहा है, जो आपको वॉयस मैसेज को लिखकर बताएगा। व्हाट्सएप जल्द इस फीचर को जारी कर सकता है। फिलहाल इसे बीटा टेस्टर के लिए जारी किया गया है।

वॉयस मैसेज का ट्रांसक्रिप्शन

इस फीचर की जानकारी व्हाट्सएप के फीचर को ट्रैक करने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने दी है। फीचर ट्रैकर ने कहा कि जल्द ही आपको वॉयस ट्रांसक्रिप्शन के नीचे एक नया बैनर दिखाई दे सकता है, जो यूजर से पूछेगा कि क्या वे अपने द्वारा सेंड किए गए या रिसीव किए गए वॉयस मैसेज का ट्रांसक्रिप्शन करना चाहते हैं। दावों के अनुसार, यह फीचर व्हाट्सएप के एंड्रॉयड बीटा ऐप वर्जन 2.24.15.5 में देखा गया था।

WhatsApp Transcription Feature

WhatsApp Transcription Feature (image-WABetaInfo)

क्या है Voice Message Transcriptions फीचर

फीचर ट्रैकर का दावा है कि वॉयस मैसेज ट्रांसक्रिप्शन ऑप्शन कुछ बीटा टेस्टर के लिए उपलब्ध किया गया है, जो गूगल प्ले बीटा प्रोग्राम के माध्यम से एंड्रॉयड बीटा के लिए उपलब्ध व्हाट्सएप का लेटेस्ट वर्जन है। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जो ऑडियो मैसेज को सुनने से परहेज करते हैं या किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर है। ऐसी स्थिति में वह वॉयस मैसेज को सुनने की जगह ट्रांसक्रिप्शन पढ़ सकते हैं।

फीचर ट्रैकर के अनुसार, वॉयस मैसेज ट्रांसक्रिप्शन फीचर पांच भाषाओं को सपोर्ट करता है: अंग्रेजी, हिंदी, पुर्तगाली (ब्राजील), रूसी और स्पेनिश। हालांकि, फीचर कैसे काम करेगा इसकी पुष्टि इसके आधिकारिक रोलआउट के बाद ही हो सकेगी।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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