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Who-Fi ने मचाया हंगामा, बिना कैमरे ट्रैक होगी एक्टिविटी, दीवार के पीछे से भी हो जाएगी पहचान

Wi-Fi की एक नई टेक्नोलॉजी ने इस समय जमकर हंगामा मचाया हुआ है। Who-Fi टेक्नोलॉजी पर इस समय खूब बात हो रही है। दरअसल इस AI बेस्ड तकनीक के सामने आने के बाद प्राइवेसी को लेकर एक बड़ी टेंशन खड़ी हो गई है।

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वाई-फाई की नई टेक्नोलॉजी ने लोगों की बढ़ाई टेंशन। (फोटो क्रेडिट-Digit)

What is Who Fi: WiFi की टेक्नोलॉजी में एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब इस वायरलेस इंटरनेट की दुनिया में एक नई टेक्नोलॉजी की एंट्री हो चुकी है जिसे Who-Fi नाम दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से Who-Fi को लेकर जमकर हो रही है। इसके सुर्खियों में रहने की एक बड़ी वजह प्राइवेसी ब्रीच होने का खतरा भी है। दरअसल यह टेक्नोलॉजी किसी भी व्यक्ति की एक्टिविटी को ट्रैक कर सकती है वो भी बिना किसी कैमरे के मदद से।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने हमारे कई सारे काम को बहुत अधिक आसान बना दिया है। इससे हमें जितनी सुविधा मिली है उतने ही इसके नुकसान भी हैं। AI ने टेक्नोलॉजी को काफी तेजी से आगे बढ़ाया है लेकिन इससे प्राइवेसी से जुड़े खतरे भी बढ़े हैं। अब Who-Fi ने यूजर्स के सामने एक बड़ी टेंशन खड़ी कर दी है।

AI बेस्ड Who-Fi टेक्नोलॉजी में लोकेशन के साथ साथ कैमरे का भी एक्सेस मिल जाता है। इसकी मदद से किसी भी व्यक्ति को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इस टेक्नोलॉजी को लेकर एक रिसर्च पेपर सामने आया है जिसमें इसके बारे में खुलासा हुआ है। रिसर्च पेपर से मिली जानकारी के मुताबिक यह किसी भी WiFi सिग्नल को बायोमैट्रिक स्कैनर में कनवर्ट कर देता है। यह टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस है कि यह न सिर्फ किसी व्यक्ति के मूवमेंट और उसकी पोजिशन को ट्रैक कर सकती है ब्लकि उसके यूनिक बायोमैट्रिक सिग्नेचर का भी डिटेल ले सकती है।

Who-Fi क्या है

इस लेटेस्ट Who-Fi टेक्नोलॉजी के बारे में arXiv नामक ऑनलाइन जर्नल में प्रकाशित रिसर्च पेपर में खुलासा हुआ। यह टेक्नोलॉजी 2.4Ghz वाले सामान्य वाई-फाई सिग्नल का इस्तेमाल करके किसी भी व्यक्ति को पहचान सकती है। इससे उसे ट्रैक भी किया जा सकता है। अभी यह टेक्नोलॉजी टेस्टिंग फेज में है और इसका अभी रियल वर्ल्ड में टेस्ट नहीं किया गया है।

आपको बता दें कि जब कोई व्यक्ति Wi-Fi सिग्नल के करीब होता है तो सिग्नल के नेचुरल रूट में एक डिस्टर्बेंस क्रिएट होता है। इससे एक यूनिक पैटर्न बनता है। यह पैटर्न इंसानों के फिंगरप्रिंट, चेहरे की बनावट की तरह एक्यूरेट होता है। Who Fi की टेक्नोलॉजी इस पैटर्न की पहचान करके व्यक्ति की एक्टिविटी को ट्रैक कर सकता है।

दीवार के पीछे से भी कर लेता है पहचान

Who-Fi टेक्नोलॉजी में वाई-फाई सिग्नल और ट्रांसफॉर्मर बेस्ड न्यूरल नेटवर्क का कॉम्बिनेशन होता है। यह लोगों की साइन लैंग्वेज को काफी तेजी से समझती है। इसकी सबसे बड़ी खास बात यह है कि किसी को ट्रैक करने या फिर सुनने के लिए इसमें किसी भी तरह के कैमरे या फिर माइक्रोफोन की जरूरत नहीं होती है। यह दीवार के पीछे मौजूद व्यक्ति को भी करीब 95% तक सही से पहचान कर सकता है। Who-Fi के लिए सिर्फ एक एंटीना ट्रांसमीटर और तीन एंटीना रिसीवर की मदद से इस्तेमाल किया जा सकता है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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