पिछले कई दशकों से अमेरिकी वायुसेना के Boeing E-4B नाइटवॉच को ‘डूम्सडे प्लेन (Doomsday Plane)’ कहा जाता है। यह एक अत्यधिक मॉडिफाइड 747 विमान है, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि यदि अमेरिका का जमीनी कमांड और कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह नष्ट या निष्क्रिय हो जाए, तब भी राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और शीर्ष सैन्य नेतृत्व सुरक्षित रहकर सेना को निर्देश दे सकें। 51 वर्षों में पहली बार Doomsday Plane ने उड़ान भरी है जिसे देखकर पूरी दुनिया में दहशत है, क्योंकि Doomsday Plane का उड़ना दुनिया के लिए एक बड़ा मैसेज है।
EMP हमले से सुरक्षित, हवा में उड़ता कमांड सेंटर
E-4B को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) हमलों से सुरक्षित बनाया गया है। इसमें सैटेलाइट, HF, VHF/UHF जैसे कई वैकल्पिक और सुरक्षित संचार माध्यम मौजूद हैं। यही नहीं, यह विमान हवा में ही ईंधन भरवा सकता है, जिससे जरूरत पड़ने पर कई दिनों तक लगातार उड़ान में रह सकता है। इसी कारण इसे ‘फ्लाइंग पेंटागन’ भी कहा जाता है।
हालिया लैंडिंग क्यों बनी चर्चा का विषय
हाल ही में इस विमान को वॉशिंगटन डीसी और लॉस एंजेलिस जैसे बड़े अमेरिकी शहरों के पास उतरते और ऑपरेट करते देखा गया। चूंकि E-4B की सार्वजनिक लैंडिंग बेहद दुर्लभ होती है, इसलिए इसकी मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा। खास बात यह रही कि यह गतिविधि ऐसे समय पर हुई, जब वैश्विक स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर अटकलें, विशेषज्ञों की चेतावनी
विमान की तस्वीरें और ट्रैकिंग डेटा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया, हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी उड़ानें हमेशा किसी बड़े संकट का संकेत नहीं होतीं। कई बार यह ट्रेनिंग, मेंटेनेंस या पहले से तय सैन्य अभ्यासों की तैयारी का हिस्सा भी होती हैं।
9/11 के बाद अहम भूमिका निभा चुका है E-4B
E-4 परिवार के विमान 1970 के दशक के मध्य से सेवा में हैं। सार्वजनिक रूप से संकट के समय इसका इस्तेमाल बहुत कम बार हुआ है, लेकिन 9/11 हमलों के बाद के शुरुआती अराजक घंटों में इस एयरबोर्न कमांड सिस्टम की भूमिका बेहद अहम रही थी।
भविष्य में बदलेगा, लेकिन फिलहाल यही सहारा
अमेरिकी वायुसेना भविष्य में E-4B के स्थान पर नए ‘सर्वाइवेबल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर’ पर काम कर रही है, लेकिन जब तक वह पूरी तरह सेवा में नहीं आता, तब तक E-4B ही आपात स्थिति में राष्ट्रीय कमांड का सबसे मजबूत आधार बना रहेगा।
अब कुल मिलाकर कहें तो ‘डूम्सडे प्लेन’ E-4B नाइटवॉच अमेरिका के लिए हवा में मौजूद वह जीवनरेखा है, जो सबसे भयावह हालात में भी नेतृत्व और सेना के बीच संपर्क बनाए रख सकती है। इसकी हालिया सार्वजनिक मौजूदगी इसलिए खबर बनी, क्योंकि यह विमान बेहद दुर्लभ और प्रतीकात्मक है। हालांकि विशेषज्ञों का साफ कहना है कि ऐसी उड़ानें अक्सर सामान्य तैयारी और सतर्कता का हिस्सा होती हैं, न कि किसी तात्कालिक युद्ध या संकट का संकेत।
