मोबाइल फोन्स हमारी दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। डेली रूटीन वर्क से लेकर प्रोफेशनल वर्क तक में इसका बड़ा अहम रोल है। मोबाइल फोन्स हर एक किसी के लिए एक जरूरी गैजेट बन चुका है लेकिन इसमें आने वाली स्पैम कॉल्स और स्पैम मैसेज ने लोगों को टेंशन भी बढ़ा दी है। लगभग हर दिन कोई न कोई स्पैम कॉल आता ही है जिसमें KYC Update, ATM Block, Loan Offer, Credit Card Offer को लेकर बात की जाती है। स्पैम कॉल्स से प्राइवेसी खत्म होने और आर्थिक नुकसान होने का भी खतरा बढ़ गया है। हालांकि अब आपकी ये सभी टेंशन खत्म होने वाली है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की तरफ से अब Spam Calls को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है।
TRAI की तरफ से एक बड़ा एक्शन प्लान शुरू किया गया है, ताकि करोड़ों मोबाइल यूजर्स को स्पैम कॉल्स और स्पैम मैसेज से छुटकारा मिल सके। TRAI ने दिल्ली में हुई 9वीं ज्वाइंट कमेटी ऑफ रेगुलेटर्स की बैठक में RBI, SEBI, MeitY, NPCI और इसके साथ ही कई सारे मंत्रालयों के साथ डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसले किए। बता दें कि TRAI के साथ इस बैठक में गूगल, मेटा, GSMA और COAI जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी बैठक में भाग लिया।
सभी बैंक और कंपनियों पर लागू होगा नियम
बैठक के बाद TRAI की तरफ से तय किया गया कि अब बैंक, फाइनेंस और इंश्योरेंस कंपनियां सिर्फ 1600 से शुरू होने वाले नंबर से ही मोबाइल यूजर्स को कॉल करेंगी। आपको बता दें कि नंबर की यह सीरीज पहले से ही लागू है लेकिन यह कुछ बैंको तक ही सीमित थी। कई सारी कंपनियां अब भी ग्राहकों को 140 नंबर या फिर दूसरे मोबाइल नंबर से कॉल करती थीं। इसका पूरा फायदा साइबर क्रिमिनल्स भी उठाने लग थे। TRAI ने अब सभी को 1600 नंबर वाली सीरीज में लाने का फैसला किया है।
TRAI के इस फैसले का सीधा फायदा यह होगा कि अगर आपके नंबर पर किसी भी तरह की कोई प्रमोशनल कॉल्स आती है और उसकी शुरुआत 1600 नंबर से होती है तो मतलब वह कॉल सेफ है और आप उसे उठा सकते हैं। लेकिन अगर किसी कॉल्स की शुरुआत दूसरे नंबर से होती तो वह किसी साइबर क्रिमिनल्स का कॉल हो सकता है और आप ठगी का शिकार बन सकते हैं। ऐसे में आप उस नंबर को पहचान कर कट कर सकते हैं।
SMS में भेजे जाने वाले लिंक को वेरिफाइड कराना होगा
1600 नंबर सीरीज शुरू करने के साथ ही TRAI की तरफ से एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अब कंपनियों की तरफ से ग्राहकों को मैसेज में भेजे गए URLs, ऐप लिंक, OTT Link और Call Back Number को TRAI के पास वाइटलिस्ट कराना होगा। इससे यूजर्स को मिलने वाले क्लिक करो और इनाम पाओ जैसे फेक और फ्रॉड लिंक्स से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचने में बड़ी मदद मिलेगी।
