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लदने वाले हैं फ्री में एआई इस्तेमाल के दिन, ChatGPT पर दिखेंगे विज्ञापन, हो गई शुरुआत

OpenAI ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया है कि सोमवार, 9 फरवरी से ChatGPT में विज्ञापनों का परीक्षण शुरू कर दिया गया है। ये ऐड केवल Free और ChatGPT Go यूजर्स को दिखाई देंगे। कंपनी ने साफ किया है कि ChatGPT Plus और Pro जैसे पेड सब्सक्राइबर्स को किसी भी तरह के विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।

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Ads In ChatGPT

सुपर बाउल जैसे बड़े इवेंट में इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी चर्चा का विषय रहा। जहां एक ओर Anthropic ने अपने विज्ञापन के जरिए OpenAI पर तंज कसने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर सैम ऑल्टमैन की अगुवाई वाली OpenAI ने खुद ChatGPT में विज्ञापन दिखाने की शुरुआत कर दी है।

फ्री और Go यूजर्स को दिखेंगे ऐड

OpenAI ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया है कि सोमवार, 9 फरवरी से ChatGPT में विज्ञापनों का परीक्षण शुरू कर दिया गया है। ये ऐड केवल Free और ChatGPT Go यूजर्स को दिखाई देंगे। कंपनी ने साफ किया है कि ChatGPT Plus और Pro जैसे पेड सब्सक्राइबर्स को किसी भी तरह के विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।

सुपर बाउल के दौरान भी उठा था मुद्दा

सुपर बाउल के दौरान Anthropic का एक विज्ञापन चर्चा में रहा, जिसमें AI सलाह देते-देते अचानक किसी प्रोडक्ट का प्रचार करता नजर आता है, हालांकि OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ChatGPT इस तरह जवाबों के बीच अचानक ऐड नहीं दिखाएगा।

क्या विज्ञापन ChatGPT के जवाबों को प्रभावित करेंगे?

OpenAI ने इस चिंता पर सफाई देते हुए कहा है कि विज्ञापनों का ChatGPT के जवाबों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी के मुताबिक, यूजर्स की बातचीत विज्ञापनदाताओं के साथ साझा नहीं की जाएगी। विज्ञापन केवल बातचीत के विषय और पुराने चैट टॉपिक्स के आधार पर दिखेंगे। विज्ञापनदाता को व्यक्तिगत चैट डेटा की कोई पहुंच नहीं होगी।

विज्ञापन होंगे अलग और साफ-साफ चिन्हित

तकनीकी तौर पर OpenAI का कहना है कि ChatGPT में दिखने वाले विज्ञापन स्पॉन्सर्ड के रूप में साफ तौर पर लेबल किए जाएंगे और जवाबों से अलग नजर आएंगे। इसके अलावा, स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और राजनीति जैसे संवेदनशील विषयों के साथ विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। कंपनी के अनुसार, यूजर्स को यह विकल्प मिलेगा कि वे पर्सनलाइज़्ड विज्ञापन बंद कर सकें, यह समझ सकें कि उन्हें कोई खास ऐड क्यों दिखाया जा रहा है और अपने विज्ञापन से जुड़े डेटा को डिलीट कर सकें।

सस्ता और सुलभ AI बनाना चाहती है OpenAI

सैम ऑल्टमैन पहले भी कह चुके हैं कि विज्ञापनों के जरिए AI को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना कंपनी का मकसद है, खासकर उन यूजर्स के लिए जो महंगे सब्सक्रिप्शन नहीं ले सकते। OpenAI का मानना है कि ऐड मॉडल से अरबों लोगों के लिए AI को किफायती बनाया जा सकता है।

आगे और नए ऐड फॉर्मेट आ सकते हैं

OpenAI ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में विज्ञापनों के नए फॉर्मेट्स जोड़े जा सकते हैं, जिससे बिजनेस और यूजर्स के बीच इंटरैक्शन के और रास्ते खुलेंगे। फिलहाल कंपनी इस बदलाव पर यूजर्स की प्रतिक्रिया को ध्यान से सुनने की बात कह रही है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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