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नौकरी गई तो बना डिलीवरी बॉय, अब सोशल मीडिया को भावुक कर रही "सर्वाइवल स्टोरी"

A Journey of Resilience: My Farewell to Swiggy: एक सॉफ्टवेयर डेवलपर रियाजुद्दीन ने इस प्रेरक कहानी को पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी छंटनी के बाद डिलीवरी ड्राइवर के रूप में स्विगी में शामिल होने और गिग वर्कर के संघर्षों के बारे में बताया है।

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Riyazuddin inspiring journey

Riyazuddin inspiring journey: सॉफ्टवेयर डेवलपर जो छंटनी के बाद डिलीवरी बॉय बना और जब वापस से जॉब मिली तो अपनी लिंक्डइन पोस्ट से नेटिजेंस का दिल जीत रहा है। हम बात कर रहे हैं रियाजुद्दीन की जो अपनी लिंक्डइन पर "सर्वाइवल स्टोरी" को लेकर चर्चा में हैं। रियाजुद्दीन ने सोशल मीडिया पर गिग वर्क के संघर्षों के बारे में बताया है।

क्या है पूरा मामला

एक सॉफ्टवेयर डेवलपर रियाजुद्दीन ने एक प्रेरक कहानी को पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी छंटनी के बाद डिलीवरी ड्राइवर के रूप में स्विगी में शामिल होने और गिग वर्क के संघर्षों के बारे में बताया। "ए जर्नी ऑफ रेसिलिएंस: माई फेयरवेल टू स्विगी" टाइटल से अपने वायरल पोस्ट में, उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे उन्होंने उस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान खुद का समर्थन करने के लिए स्विगी डिलीवरी पार्टनर का अन एक्सपेक्टेड रोल निभाया।

पढ़ें पूरी पोस्ट

रियाजुद्दीन ने लिंक्डइन पर लिखा, "कुछ महीने पहले मेरे जीवन ने अचानक मोड़ ले लिया, जब मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। असफलता के ढेर और घर के कई खर्चों के साथ मैं एक मुश्किल वित्तीय स्थिति में था। उस दौरान, मैंने अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए स्विगी डिलीवरी पार्टनर बनने का फैसला किया।

मुझे अभी भी सुबह-सुबह की वो सवारी, दोपहर की चिलचिलाती धूप, मूसलाधार बारिश और देर रात की वो डिलीवरी याद है। हर डिलीवरी सिर्फ कमाई के लिए नहीं थी, यह मेरे फ्लेक्सिबिलिटी को फिर से प्राप्त करने की दिशा में एक कदम था। स्विगी ने मुझे तब आगे बढ़ने का मौका दिया, जब बाकी सब कुछ डूबता हुआ लग रहा था।

यह आसान नहीं था - उम्मीद, रिजेक्शन और दिन-प्रतिदिन की भागदौड़ के बीच संतुलन बनाना। लेकिन स्विगी डिलीवरी पार्टनर के रूप में बिताए उन महीनों ने मुझे सिर्फ वित्तीय सहायता से कहीं ज्यादा दिया; उन्होंने मुझे धैर्य, दृढ़ता और विनम्रता के अनमोल सबक दिए। मेरे द्वारा डिलीवर किए गए हर ऑर्डर ने मुझे और मजबूत बनाया।

आज, मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मैंने एक नई कंपनी के साथ एक नया अध्याय शुरू किया है। मैं इस नई शुरुआत के लिए उत्साहित हूं, लेकिन मैं स्विगी के साथ बिताए अपने समय को एक उचित विदाई देना चाहता हूं। मैं सड़कों, ग्राहकों और स्विगी द्वारा दिए गए सपोर्ट की उन कठिन, दिल को छू लेने वाली यादों का बहुत आभारी हूं, जब मुझे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।

जो भी इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहा है - धैर्य रखें। कभी-कभी, जीवन के अचानक आए मोड हमें विकास और ताकत की उन जगहों पर ले जाते हैं, जिनकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

मेरी यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आपका धन्यवाद, स्विगी।"

स्विगी ने किया कमेंट

इस पोस्ट पर स्विगी ने भी कमेंट किया है। उन्होंने, लिखा," रियाजुद्दीन, यह कितनी प्रेरणादायक कहानी है! हम आपके सफर का हिस्सा बनने के लिए आभारी हैं और आपने जो ताकत, दृढ़ता और फ्लेक्सिबिलिटी दिखाई है, उस पर हमें गर्व है। आपके नए अध्याय में आपको ढेर सारी सफलता की शुभकामनाएं, वाकई!"

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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