टेक एंड गैजेट्स

22,000 का हो जाएगा 20 हजार वाला स्मार्टफोन! जल्द ही लैपटॉप भी होंगे महंगे, यह है कारण

हाल ही में Asus ने ऐलान किया है कि वह 5 जनवरी से अपने कई प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाएगा। वहीं, Dell भी अपने हाई-एंड मेमोरी कॉन्फ़िगरेशन की कीमतों में 55 डॉलर से लेकर 765 डॉलर तक की बढ़ोतरी की योजना बना रहा है।

Smartphones and PCs may soon cost up to 20 percent

Smartphones and PCs may soon cost up to 20 percent/Photo-Canva

यदि आप भी नया फोन या नया लैपटॉप खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो प्लानिंग बंद कर दीजिए और जितना जल्दी हो सके, खरीद लीजिए। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतें बहुत जल्द ही बढ़ने वाली हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विस्तार अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालने वाला है। AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती जरूरतों के चलते RAM और SSD जैसे अहम कंपोनेंट्स की भारी कमी देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि पिछले कुछ महीनों में मेमोरी की कीमतें दोगुनी से लेकर तीन गुना तक बढ़ चुकी हैं, जिसका सीधा असर अब स्मार्टफोन और PC जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर पड़ने वाला है।

मेमोरी चिप्स की भारी कमी

मेमोरी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix, जो मिलकर वैश्विक बाजार का 70% से ज्यादा हिस्सा संभालती हैं, पहले ही साफ कर चुकी हैं कि इस साल उनकी पूरी उत्पादन क्षमता बुक हो चुकी है। रिसर्च फर्म IDC के मुताबिक, मेमोरी चिप्स की यह गंभीर कमी कम से कम 2027 तक बनी रह सकती है, क्योंकि AI डेटा सेंटर्स की मांग सप्लाई से कहीं ज्यादा है।

सस्ते स्टोरेज के दौर का अंत?

IDC ने चेतावनी दी है कि उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिति “सस्ती और भरपूर मेमोरी-स्टोरेज के दौर के अंत” का संकेत हो सकती है, कम से कम आने वाले कुछ वर्षों तक। यानी आने वाले समय में ज्यादा स्टोरेज और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।

5 से 20% तक बढ़ सकती हैं कीमतें

Financial Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, Dell, Lenovo, Raspberry Pi और Xiaomi जैसी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां पहले ही इशारा कर चुकी हैं कि चिप्स की कमी के चलते प्रोडक्ट्स की कीमतों में 5 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर लैपटॉप, डेस्कटॉप और स्मार्टफोन सभी पर पड़ सकता है।

कंपनियां भी बढ़ती लागत से परेशान

पिछले साल नवंबर में हुई एक अर्निंग कॉल के दौरान Dell के COO जेफ क्लार्क ने कहा था कि कंपनी ने पहले कभी इतनी तेज़ी से लागत बढ़ते नहीं देखी। वहीं, दुनिया की सबसे बड़ी PC निर्माता Lenovo ने भविष्य की कमी से बचने के लिए मेमोरी चिप्स और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स का स्टॉक करना शुरू कर दिया है।

2027 तक बनी रह सकती है तंगी

Citigroup के एनालिस्ट पीटर ली के मुताबिक, AI डेटा सेंटर्स से आने वाली मांग उम्मीद से कहीं ज्यादा है। उनका कहना है कि 2027 तक सप्लाई टाइट बनी रहेगी और इस दौरान कोई बड़ी अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जुड़ने की संभावना नहीं है।

कीमतें बढ़ाने की शुरुआत

हाल ही में Asus ने ऐलान किया है कि वह 5 जनवरी से अपने कई प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाएगा। वहीं, Dell भी अपने हाई-एंड मेमोरी कॉन्फ़िगरेशन की कीमतों में 55 डॉलर से लेकर 765 डॉलर तक की बढ़ोतरी की योजना बना रहा है।

Apple और Samsung को मिल सकती है राहत

हालांकि, Apple और Samsung जैसी बड़ी टेक कंपनियों पर इसका असर तुलनात्मक रूप से कम हो सकता है। वजह यह है कि इन कंपनियों के पास सप्लायर्स के साथ लंबे समय के करार हैं, जो उन्हें अचानक होने वाली कीमत बढ़ोतरी से कुछ हद तक बचा सकते हैं।

Pradeep Pandey
Pradeep Pandey author

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

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