टेक एंड गैजेट्स

ऐसा क्या कर रहा Samsung कि लगा 4000 करोड़ रुपये का जुर्माना? अब CESTAT का खटखटाया दरवाजा

Samsung 500 million dollar Fine: भारतीय सीमा शुल्क अधिकारियों ने इसी साल सैमसंग पर नेटवर्किंग गियर सहित दूरसंचार उपकरणों के आयात को कथित रूप से गलत तरीके से वर्गीकृत करने के लिए 50 करोड़ डॉलर से अधिक का जुर्माना लगाया था।

Image

Samsung 500 million dollar Fine

Samsung 500 million dollar Fine: प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स सैमसंग इंडिया ने सरकारी अधिकारियों द्वारा उस पर लगाए गए 50 करोड़ डॉलर से अधिक के जुर्माने को चुनौती दी है। कंपनी ने सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) का दरवाजा खटखटाया है। उद्योग सूत्रों ने यह जानकारी दी।

50 करोड़ डॉलर से ज्यादा का जुर्माना

भारतीय सीमा शुल्क अधिकारियों ने इसी साल सैमसंग पर नेटवर्किंग गियर सहित दूरसंचार उपकरणों के आयात को कथित रूप से गलत तरीके से वर्गीकृत करने के लिए 50 करोड़ डॉलर से अधिक का जुर्माना लगाया था। सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सैमसंग इंडिया ने उक्त आदेश को अपीलीय न्यायाधिकरण सीईएसटीएटी की मुंबई पीठ के समक्ष चुनौती दी है।

पीटीआई ने इस मुद्दे के संबंध में सैमसंग को ईमेल के माध्यम से प्रश्न भेजे हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यह याचिका लॉ फर्म लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन के माध्यम से अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष पेश की गई है। याचिका अभी तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है।

सीईएसटीएटी में याचिका दायर

उन्होंने कहा कि यह मामला सीईएसटीएटी पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आ सकता है। सैमसंग ने ये नेटवर्क उपकरण प्रमुख दूरसंचार प्रदाता रिलायंस जियो को आपूर्ति किए हैं, जो अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, सैमसंग इंडिया के नेटवर्क खंड ने कथित तौर पर उपकरणों को गलत तरीके से वर्गीकृत किया है, जिस पर 10-20 प्रतिशत का शुल्क लगाया गया है। इस पर सीमा शुल्क विभाग ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

इनपुट- भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article