प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में India Mobile Congress 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। देश के इस बड़े टेक और टेलीकॉम इवेंट में 5G, 6G, AI, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और दूसरी नई तकनीकों की झलक देखने को मिल रही है। इस बार IMC की थीम ‘Scale Without Boundaries’ रखी गई है। यह इवेंट 10 अक्टूबर तक चलेगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह खास समय है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि देश की सेवा करते हुए उनके 25 साल पूरे हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर को भी श्रद्धांजलि दी।
मोबाइल फोन अब सिर्फ बात करने का साधन नहीं
PM मोदी ने कहा कि पिछले करीब एक दशक में मोबाइल फोन की भूमिका तेजी से बदली है। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल इकोनॉमी का बड़ा आधार बन चुका है। आज मोबाइल केवल कॉल या इंटरनेट चलाने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह गवर्नेंस और सरकारी सेवाओं का अहम माध्यम भी बन गया है।
उन्होंने डिजिटल इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि मोबाइल और इंटरनेट की मदद से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी कई तरह की सुविधाएं पहुंच रही हैं। गांवों के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई का मौका मिल रहा है और लोग अपने मोबाइल से कई सरकारी सेवाओं का फायदा उठा पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ के सपने को साकार करके दिखाया है। आज भारत में टेलीकॉम का मतलब सस्ती, आसान और बड़े पैमाने पर उपलब्ध कनेक्टिविटी बन चुका है।
कोरोना के समय मोबाइल ने निभाई बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौर को याद करते हुए कहा कि उस मुश्किल समय में भी मोबाइल और डिजिटल तकनीक काफी काम आई। स्कूल और कॉलेज बंद होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन जारी रखी जा सकी।
उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किए गए DIKSHA प्लेटफॉर्म का भी उल्लेख किया। डिजिटल माध्यमों ने लोगों को घर से काम करने, पढ़ाई करने और जरूरी सेवाओं से जुड़े रहने में मदद की।
सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाना हुआ आसान
PM मोदी ने कहा कि डिजिटल तकनीक की वजह से सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ सही लोगों तक पहुंचाना आसान हुआ है। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल ने सरकार और आम नागरिक के बीच संपर्क को भी आसान बनाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीकॉम नेटवर्क का विस्तार हुआ है। इंटरनेट डेटा की कीमत कम होने से ज्यादा लोगों के लिए डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करना संभव हुआ है।
भारत अब ट्रेडर और टेक्नोलॉजी क्रिएटर
भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का बड़ा बाजार नहीं बनना चाहता। भारत कंज्यूमर से ट्रेडर और अब टेक्नोलॉजी क्रिएटर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। लक्ष्य साफ है—प्रोडक्ट का डिजाइन भारत में हो, उसकी IP भारत की हो और टेक्नोलॉजी भी भारत की हो।
यानी भारत की डिजिटल यात्रा अब सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाने की नहीं, बल्कि सुरक्षित कनेक्टिविटी और अपनी टेक्नोलॉजी तैयार करने की यात्रा है। अगले दशक का रोडमैप इसी सोच के साथ मजबूत करना होगा। आने वाले समय में भारत न सिर्फ ग्लोबल मोबाइल मार्केट का बड़ा हिस्सा बनेगा, बल्कि दुनिया के मोबाइल और डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
5G, 6G और AI पर खास फोकस
IMC 2026 में भविष्य में आने वाली कई जरूरी टेक्नोलॉजी को दिखाया जाने वाला है। इनमें 5G, 6G, Artificial Intelligence, IoT, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस बार आयोजन का दायरा केवल मोबाइल नेटवर्क तक सीमित नहीं है। स्मार्ट मोबिलिटी, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, स्टेडियम टेक्नोलॉजी और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों को भी IMC 2026 में जगह दी गई है।
100 से ज्यादा देशों की भागीदारी
India Mobile Congress 2026 में दुनिया के 100 से ज्यादा देशों के लोग शामिल हो रहे हैं। इसमें बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियों के अलावा स्टार्टअप, निवेशक, एक्सपर्ट और पॉलिसी मेकर भी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन में 500 से ज्यादा पार्टनर्स और एग्जिबिटर्स, 600 से ज्यादा स्टार्टअप और 900 से अधिक थॉट लीडर्स के शामिल होने की उम्मीद है। यहां 2,000 से ज्यादा टेक्नोलॉजी यूज केस और 120 से अधिक सेशन रखे गए हैं।
