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भारत को प्लास्टिक कचरे से निपटने में मदद करेगी प्लास्टोनिक्स, वी टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर करेगी काम

Plastic Waste Management: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, देश ने साल 2023 में लगभग 9.46 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न किया है। अनुमान है कि केवल आठ प्रतिशत प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल किया जा रहा है।

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Plastic Waste Management (image-istock)

Plastic Waste Management: भारत को प्लास्टिक कचरे से निपटने में मदद करने के लिए कनाडा स्थित प्लास्टिक रिसाइक्लिंग टेक्नोलॉजीज कंपनी 'प्लास्टोनिक्स' ने सोमवार को बेंगलुरु और न्यूयॉर्क स्थित आईटी सर्विस कंपनी 'वी टेक्नोलॉजीज' के साथ मिलकर काम करने का ऐलान किया है। दोनों कंपनियां प्लास्टोनिक्स की पेटेंट पेंडिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए भारत में प्‍लास्टिक वेस्ट रिसाइक्लिंग सिस्टम को विकसित करने के लिए 50:50 संयुक्त उद्यम का प्रयास करेंगी।

जानें क्या होगा फायदा?कंपनी ने एक बयान में कहा कि वी टेक्नोलॉजीज अपनी पहली सुविधा के लिए एक साइट का चयन करेगी। अपनी इन-हाउस इंजीनियरिंग टीम का इस्तेमाल करते हुए वह पायलट प्लांट को डिजाइन, निर्माण और इसके मालिकाना उपकरण और विनिर्माण के साथ जोड़ेगी। वी टेक्नोलॉजीज इस सुविधा का इस्तेमाल भारतीय बाजार के लिए प्रौद्योगिकी की व्यावसायिक-स्तरीय प्रभावशीलता को अनुकूलित करने के लिए करेगी। इसके साथ ही प्लास्टोनिक्स के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम को लाभ पहुंचाने के लिए इस जानकारी का भी उपयोग करेगी।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, देश ने साल 2023 में लगभग 9.46 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न किया है। अनुमान है कि केवल आठ प्रतिशत प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल किया जा रहा है। प्लास्टोनिक्स के सीईओ रोलैंड कीलबासिविक्ज ने कहा, "इंजीनियरिंग की अपनी महत्‍वपूर्ण ताकत के साथ वी टेक्‍नोलॉजी प्लास्टोनिक्स के लिए बेहद ही उपयुक्त है। हम आने वाले वर्षों में उनकी टीम के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।"

नया प्लास्टिक रीसाइक्लिंग प्लान

पायलट प्लांट के लक्ष्य को हासिल करने के बाद प्लास्टोनिक्स और वी टेक्नोलॉजीज मिलकर भारत के लिए एक नई प्लास्टिक रीसाइक्लिंग कार्यक्रम को शुरू करेंगे, ताकि क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे को महत्वपूर्ण रूप से कम किया जा सके। देश ने साल 2016 में प्लास्टिक कचरे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रबंधित करने के लिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम बनाए थे।

वी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक और सीईओ चोको वल्लियप्पा ने कहा, "आधुनिक दुनिया में प्लास्टिक की विविधता और सर्वव्यापक उपयोग ने प्लास्टिक कचरे के निपटान को एक बड़ी चुनौती बना दिया है, जिसका समाधान किया जाना चाहिए। हम प्लास्टोनिक्स के साथ साझेदारी करने के लिए उत्साहित हैं।"

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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