AI की दुनिया में एक नया कदम उठाते हुए OpenAI ने ChatGPT Workspace Agents पेश किए हैं। ये AI एजेंट्स इस तरह बनाए गए हैं कि वे यूजर के लिए खुद काम कर सकें यानी आपको सिर्फ एक टास्क देना है- जैसे फाइल बनाना या कोड लिखना और एजेंट बिना बार-बार निर्देश दिए पूरा काम कर देता है। ये एजेंट्स पारंपरिक AI टूल्स से अलग हैं, क्योंकि ये न सिर्फ काम करते हैं बल्कि उसे आगे बढ़ाने और मैनेज करने की क्षमता भी रखते हैं।
बिना निगरानी के काम करने में सक्षम
OpenAI के अनुसार, ये एजेंट्स अब उन कामों को भी संभाल सकते हैं जिनके लिए पहले समय, संदर्भ और लगातार निगरानी की जरूरत होती थी। AI अब अलग-अलग टूल्स के बीच तालमेल बना सकता है, प्रोग्रेस ट्रैक कर सकता है और बिना यूजर के हस्तक्षेप के काम को आगे बढ़ा सकता है। यह फीचर खास तौर पर प्रोफेशनल और बिजनेस यूज के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
एंटरप्राइज मार्केट पर OpenAI की नजर
कंपनी अब एंटरप्राइज मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। ये Workspace Agents कई लोकप्रिय बिजनेस प्लेटफॉर्म्स जैसे Slack, Google Workspace और Salesforce के साथ काम कर सकते हैं। इससे कंपनियों को अपने रोजमर्रा के काम को ऑटोमेट करने में मदद मिलेगी।
Custom GPTs से एक कदम आगे
OpenAI ने बताया कि ये एजेंट्स पहले के Custom GPTs का ही विकसित रूप हैं, जिन्हें खास टास्क के लिए डिजाइन किया जाता था, लेकिन Workspace Agents की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये Codex से संचालित होते हैं। इसकी वजह से ये अलग-अलग एप्स और प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा जटिल और बड़े स्तर के काम करने में सक्षम हैं।
क्लाउड पर चलते हैं ये एजेंट्स
इन एजेंट्स की एक और बड़ी खासियत यह है कि ये क्लाउड पर काम करते हैं। इसका मतलब है कि अगर आप अपना कंप्यूटर बंद भी कर दें, तब भी ये अपना काम जारी रख सकते हैं। यह तकनीक कुछ हद तक Claude Code जैसे अन्य एजेंटिक AI सिस्टम्स से मिलती-जुलती है, जो लगातार काम करने की क्षमता रखते हैं।
फिलहाल फ्री, लेकिन जल्द लगेगा चार्ज
ChatGPT Workspace Agents फिलहाल ChatGPT Business, Enterprise, Edu और Teachers प्लान्स के यूज़र्स के लिए उपलब्ध हैं। अभी यह फीचर 6 मई 2026 तक रिसर्च प्रीव्यू में मुफ्त है। इसके बाद OpenAI इसे क्रेडिट आधारित मॉडल पर लाएगा, यानी जितना ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, उतना ज्यादा भुगतान करना होगा।
भविष्य में ‘इंटेलिजेंस’ भी बिकेगी मीटर के हिसाब से
OpenAI के CEO Sam Altman पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कंपनी भविष्य में AI इंटेलिजेंस को एक कमोडिटी की तरह बेचना चाहती है। ठीक उसी तरह जैसे बिजली का बिल उपयोग के आधार पर आता है, वैसे ही AI सेवाओं के लिए भी यूजर्स को भुगतान करना पड़ सकता है।
