ChatGPT Ban in Italy:पिछले कुछ महीनों से दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की चर्चाएं जोरों पर हैं। टेक्नोलॉजी की दुनिया में AI ने इतनी जल्दी प्रसिद्धी पा ली है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। AI को दुनियाभर में नई पहचान दिलाने में OpenAI के चैटबॉट ChatGPT की सबसे बड़ी भूमिका है। OpenAI ही वो कंपनी है जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इस दुनिया के सामने चमत्कारी अंदाज में पेश किया। बाकी लोगों की छोड़िए, खुद माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और दुनिया के सबसे धनी लोगों में शामिल बिल गेट्स ने चैटजीपीटी को पिछले 40 सालों का सबसे क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी बताया है। लेकिन AI को लेकर यूरोप से एक बड़ी खबर आ रही है।
OpenAI पर लगा यूजर्स का डाटा चुराने का आरोप
दुनियाभर में AI और ChatGPT की बढ़ती लोकप्रियता के बीच यूरोपीय देश इटली ने चैटजीपीटी को बैन कर दिया है। इटली ने शुक्रवार को चैटजीपीटी पर बैन लगा दिया। बताते चलें कि ये ऐसा पहला मामला बताया जा रहा है जब किसी सरकार ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल को अपने देश में बैन कर दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इटली के डाटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने चैटजीपीटी के मेकर OpenAI पर अपने यूजर्स का डाटा चोरी करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, इटली की अथॉरिटी ने ChatGPT को बैन करने के पीछे ये भी कारण बताया है कि इसमें नाबालिगों को अवैध सामग्री के संपर्क में आने से रोकने के लिए एज-वैरिफिकेशन सिस्टम भी नहीं है।
इटली के फैसले पर क्या बोले ChatGPT के फाउंडर सैम ऑल्टमैन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्राइवेसी कंसर्न को ध्यान में रखते हुए चैटजीपीटी को बैन लगाने वाला इटली पहला देश बन गया है। बताते चलें कि OpenAI चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान जैसे देशों से फिलहाल दूरी बनाए रखने का फैसला लिया है। इटली द्वारा चैटजीपीटी बैन किए जाने पर ChatGPT के फाउंडर सैम ऑल्टमैन ने एक ट्वीट कर कहा, ''मेरे ख्याल से हम सभी प्राइवेसी नियमों का पालन कर रहे हैं। इटली मेरे पसंदीदा देशों में से एक है और मैं इस देश में वापसी करने की कोशिश करूंगा।''
