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अब अंतरिक्ष यात्री अपने साथ ले जा सकेंगे यह फोन, चांद पर भी कर सकेंगे इस्तेमाल, नासा ने दी मंजूरी

यह पहली बार नहीं है जब फोन अंतरिक्ष में पहुंचे हों। साल 2011 में आखिरी स्पेस शटल मिशन के दौरान iPhone 4 को अंतरिक्ष में ले जाया गया था, लेकिन उसका इस्तेमाल सीमित था। हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अंतरिक्ष यात्री ज्यादातर टैबलेट के जरिए परिवार से संपर्क करते रहे हैं।

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Astronaut To Use Smartphone/Photo-AI

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने अंतरिक्ष यात्राओं से जुड़े अपने वर्षों पुराने नियमों में एक अहम बदलाव किया है। अब आने वाले मिशनों में अंतरिक्ष यात्री अपने साथ आधुनिक स्मार्टफोन, जिनमें iPhone भी शामिल हैं, ले जा सकेंगे। कागजों पर यह फैसला छोटा लग सकता है, लेकिन तकनीक और सोच के स्तर पर इसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

Crew-12 और Artemis II मिशन में मिलेगा iPhone की अनुमति

NASA के प्रशासक जैरेड आइजैकमैन ने बुधवार रात इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि Crew-12 और Artemis II मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को स्मार्टफोन ले जाने की अनुमति दी जाएगी। यह फैसला NASA के उस पारंपरिक और सतर्क रवैये से अलग है, जिसमें निजी तकनीक के इस्तेमाल को लेकर काफी सख्ती बरती जाती थी।

Apple ने भी की पुष्टि, अंतरिक्ष में iPhone का नया दौर

Apple की ओर से कहा गया है कि यह पहली बार होगा जब iPhone को अंतरिक्ष में लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए आधिकारिक मंजूरी दी गई है। इससे पहले NASA अंतरिक्ष यात्रियों को निजी स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देता था, हालांकि कुछ चुनिंदा कैमरों को अनुमति मिली हुई थी। अभी यह साफ नहीं किया गया है कि किन iPhone मॉडल्स को अंतरिक्ष में ले जाने की मंजूरी दी गई है।

परिवार और दुनिया से जुड़ाव होगा आसान

जैरेड आइजैकमैन के मुताबिक, यह फैसला सिर्फ सुविधा के लिए नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों को ऐसे टूल देने के लिए है, जिनका वे रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि स्मार्टफोन की मदद से अंतरिक्ष यात्री अपने परिवार के लिए खास पलों को कैद कर सकेंगे और पृथ्वी पर मौजूद लोगों के साथ फोटो और वीडियो साझा कर पाएंगे।

पुराने नियमों पर उठे सवाल

आइजैकमैन ने यह भी कहा कि NASA अब अपने कई पुराने और जटिल नियमों की समीक्षा कर रहा है। किसी भी डिवाइस को अंतरिक्ष यात्रा के लिए मंजूरी देना आसान नहीं होता। उसे रेडिएशन, अत्यधिक तापमान, वैक्यूम, कंपन और डिवाइस में इस्तेमाल हुए मटीरियल तक की सख्त जांच से गुजरना पड़ता है। सुरक्षा जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सख्ती तकनीकी प्रगति को धीमा कर देती है।

आधुनिक तकनीक लेगी पुराने उपकरणों की जगह

इस बदलाव से पहले Artemis II मिशन के लिए जिन कैमरों की योजना थी, वे काफी पुराने माने जा रहे थे। इनमें 2016 में लॉन्च हुआ Nikon DSLR और पुराने GoPro कैमरे शामिल थे। स्मार्टफोन को मंजूरी मिलने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों के पास अब ज्यादा हल्के, ताकतवर और आधुनिक कैमरे होंगे, जो बेहतर तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं।

पहले भी अंतरिक्ष में जा चुके हैं फोन

यह पहली बार नहीं है जब फोन अंतरिक्ष में पहुंचे हों। साल 2011 में आखिरी स्पेस शटल मिशन के दौरान iPhone 4 को अंतरिक्ष में ले जाया गया था, लेकिन उसका इस्तेमाल सीमित था। हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अंतरिक्ष यात्री ज्यादातर टैबलेट के जरिए परिवार से संपर्क करते रहे हैं।

अब चांद तक पहुंचेगा iPhone

निजी मिशनों, जैसे आइजैकमैन के Polaris फ्लाइट और Axiom मिशन, में पहले ही स्मार्टफोन की अनुमति दी जा चुकी है। अब NASA भी इस दिशा में कदम बढ़ा चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि चांद से ली गई पहली iPhone फोटो जल्द ही दुनिया के सामने हो सकती है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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