टेक एंड गैजेट्स

ChatGPT पर भूलकर भी न करें ये बातें, घर पहुंच जाएगी पुलिस, जिंदगी भर के लिए पछताना पड़ सकता है

अगर आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT का इस्तेमाल करते है तो आपके लिए काम की खबर है। अगर आप चैटजीपीटी पर कंटेंट तलाशते हैं तो आपको अपनी पर्सनल डिटेल्स को लेकर सावधान रहने की जरूरत है।

Image

कंपनी ने ब्लॉग में खुलासा कि वह चैट्स का रिव्यू करती है। (फोटो क्रेडिट- Digit)

इंटरनेट का इस्तेमाल हमारी लाइफ में बहुत अधिक बढ़ चुका है। जब भी किसी को कोई नई चीज सीखनी होती है या फिर किसी टॉपिक में आइडिया लेना होता है तो इंटरनेट पर ही सर्च करता है। अब लोग नए चीजों की जानकारी के लिए गूगल के साथ-साथ ChatGPT जैसे AI चैटबॉट की भी मदद लेने लगे हैं। अगर आप चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए काम की खबर है। दरअसल आपको चैटजीपीट पर कंटेंट सर्च करते समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। अपनी एक गलती से आप बड़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं।

हमारी डेली रूटीन लाइफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है। टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर कोई किसी न किसी तरह से एआई से जुड़ा हुआ है। कंटेंट सर्च करने के लिए आज एआई का जमकर इस्तेमाल हो रहा है। अगर आप अपने प्रोफेशनल या फिर पर्सनल काम के लिए ChatGPT यूज करते हैं और आपको लगता कि आपके पूछे गए सवाल प्राइवेट रहेंगे तो अब आपको अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

कंपनी चैट्स का करती है रिव्यू

ChatGPT को बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने हाल ही में बताया कि वह यूजर्स के चैट्स का रिव्यू करती है। कंपनी के मुताबिक अगर उसे चैट्स में किसी तरह का खतरा या फिर संदेह महसूस होता है तो वह इसकी जानकारी पुलिस के साथ भी शेयर करती है। इसलिए अब आपको चैटजीपीटी पर कंटेंट सर्च करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है।

OpenAI ने अपने ब्लॉग में बताया कि वह संभावित हिंसा के मामलों को हैंडल करने के लिए कई तरह के कदम उठाती है। कंपनी के अनुसार अगर कोई चैटजीपीटी यूजर चैटबॉट पर दूसरों को नुकसान पहुंचाने से संबंधित टॉपिक पर जानकारी लेता है तो कंपनी का सिस्टम उसे ट्रैक कर सकता है। ट्रैकिंग के बाद उस चैट को स्पेशल रिव्यू टीम के कर्मचारियों के पास भेजी जाती है। अगर रिव्यू टीम को लगता है कि खतरा ज्यादा गंभीर है तो उसकी जानकारी कानूनी एजेंसियों को दी जा सकती है।

प्राइवेसी को लेकर उठ रहे सवाल

ओपनएआई के इस ब्लॉग के सामने आने के बाद कंपनी के पर कई तरह के गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का सवाल है कि अगर कंपनी गंभीर खतरों का पता लगाने के लिए रिव्यू टीम यानी इंसानों की मदद ले रही है तो फिर यह एआई टूल आत्म निर्भर टूल कैसे हुआ। इसके साथ ही एक यह भी बड़ा सवाल सामने आया कि आखिर एजेंसियों को जानकारी देने के लिए कंपनी चैटजीपीटी यूजर्स की लोकेशन को कैसे ट्रैक कर रही है। कई सारे यूजर्स ने पर्सनल चैट और जानकारी के दुरुपयोग होने की भी संभावना जताई।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article