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मोबाइल डेटा या Wi-Fi: कौन ज्यादा बैटरी खाता है? बार-बार जार्जिंग की टेंशन होगी खत्म

अगर आप मोबाइल डेटा और वाईफाई का इस्तेमाल करते हैं तो क्या आपको मालूम है कि इनमें कौन ज्यादा बैटरी की खपत करता है। अगर आप बार-बार फोन को चार्जिंग पर नहीं लगाना चाहते हैं तो आपके लिए इसे जानना बेहद जरूरी है।

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अगर आप लगातार वाईफाई कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो बैटरी की खपत कम होगी। (फोटो क्रेडिट-iStock)

स्मार्टफोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। चाहे सोशल मीडिया चलाना हो, वीडियो स्ट्रीमिंग करनी हो या ऑनलाइन मीटिंग अटेंड करनी हो, इंटरनेट कनेक्टिविटी हर समय जरूरी रहती है। स्मार्टफोन में इंटरनेट चलाने के लिए हम आमतौर पर दो तरीके इस्तेमाल करते हैं जिसमें WiFi और Mobile Data शामिल हैं। क्या आपको इस बाच की जानकारी है कि इन दोनों ही माध्यम में से कौन ज्यादा बैटरी की खपत करता है? आइए आपको आज इसी टॉपिक की जानकारी देते हैं।

आपको बता दें कि कुछ यूजर्स का कहना है कि जब वे WiFi से इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो फोन की बैटरी ज्यादा चलती है और वहीं मोबाइल डेटा का इस्तेमाल करने से बैटरी तेजी से खत्म होने लगती है। आइए आपको बताते हैं कि इसके पीछे का क्या कारण है और क्या सच में बैटरी जल्द खत्म होने के पीछे इंटरनेट का माध्यम एक कारण बन सकता है?

कौन ज्यादा बैटरी की खपत करता है?

अगर आप मोबाइल डेटा का अधिक इस्तेमाल करते हैं तो बता दें कि सामान्य परिस्थितियों में मोबाइल डेटा, Wi-Fi की तुलना में अधिक बैटरी की खपत करता है। कुछ टेस्टिंग में पाया गया कि सेलुलर नेटवर्क (4G/5G) पर इंटरनेट इस्तेमाल करने में Wi-Fi की तुलना में 50% से लेकर 120% तक अधिक ऊर्जा खर्च हो सकती है।

सीधा और साफ जवाब यह है कि मोबाइल डेटा (Mobile Data) वाई-फाई के मुकाबले बहुत ज्यादा बैटरी की खपत करता है। अगर आप अपने फोन को पूरे दिन वाई-फाई पर रखते हैं, तो आपकी बैटरी मोबाइल डेटा के मुकाबले काफी ज्यादा चलेगी।

मोबाइल डेटा ज्यादा बैटरी क्यों खाता है?

टावर की दूरी सबसे बड़ा कारण

Wi-Fi राउटर आमतौर पर आपके घर, ऑफिस या आसपास ही मौजूद होता है। इसलिए फोन को मजबूत सिग्नल मिल जाता है और कम ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। इसके विपरीत, मोबाइल नेटवर्क के लिए फोन को कई बार दूर स्थित सेल टावरों से संपर्क बनाए रखना पड़ता है। टावर जितना दूर होगा, फोन का रेडियो मॉड्यूल उतनी अधिक शक्ति से काम करेगा और बैटरी उतनी तेजी से खर्च होगी।

कमजोर नेटवर्क में बढ़ जाता है ड्रेन

यदि आप ऐसे इलाके में हैं जहां नेटवर्क कमजोर है, तो फोन लगातार बेहतर सिग्नल खोजने की कोशिश करता रहता है। इससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। एक्सपर्ट के अनुसार कमजोर सेलुलर सिग्नल की स्थिति में ऊर्जा खपत मजबूत सिग्नल की तुलना में कई गुना बढ़ सकती है।

5G नेटवर्क की मांग

हालांकि 5G तेज स्पीड देता है, लेकिन कई परिस्थितियों में यह 4G और Wi-Fi दोनों की तुलना में अधिक बैटरी खर्च कर सकता है। खासकर तब, जब 5G कवरेज अस्थिर हो और फोन बार-बार नेटवर्क बदल रहा हो।

क्या Wi-Fi हमेशा बेहतर है?

ज्यादातर मामलों में वाईफाई मोबाइल डेटा की तुलना में एक बेहतर ऑप्शन है। लेकिन इसके भी कुछ अपवाद हैं। यदि आपका फोन किसी Wi-Fi नेटवर्क से जुड़ा है जो पूरी तरह से स्टेबल नहीं है बार-बार स्कैनिंग भी बैटरी अधिक खर्च होगी। ऐसे में Wi-Fi ऑन रखने से थोड़ी अतिरिक्त खपत हो सकती है। हालांकि जब फोन किसी स्टेबल Wi-Fi नेटवर्क से जुड़ा होता है, तब बैटरी बचत आमतौर पर मोबाइल डेटा की तुलना में बेहतर रहती है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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