Microsoft AI Education Initiative : भारत में शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। माइक्रोसॉफ्ट ने ‘Microsoft Elevate for Educators’ नाम से एक बड़ा कार्यक्रम लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य साल 2030 तक देश के 20 लाख (दो मिलियन) शिक्षकों को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी ट्रेनिंग देना और 2 लाख स्कूलों व शिक्षण संस्थानों तक पहुंच बनाना है। यह कार्यक्रम माइक्रोसॉफ्ट की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी भारत में 2 करोड़ लोगों को एआई कौशल से लैस करना चाहती है। एशिया में इस प्रोग्राम को शुरू करने वाला भारत पहला देश बना है।
दुनिया का सबसे बड़ा 'क्लासरूम' भारत
आज दुनियाभर में एआई को लेकर चर्चा हो रही है। पहले एआई को केवल उत्पादकता और आर्थिक विकास से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब इसका अगला चरण स्कूलों और कक्षाओं में दिखाई देगा। यहीं पर बच्चों के कौशल विकसित होते हैं, सोचने-समझने की क्षमता बनती है और तकनीक का सही उपयोग सिखाया जाता है। भारत इस बदलाव के लिए बेहद अहम देश है, क्योंकि यहां 20 करोड़ से अधिक छात्र और करीब 1 करोड़ शिक्षक हैं। इसी वजह से भारत को दुनिया का सबसे बड़ा ‘क्लासरूम’ भी कहा जाता है। ऐसे में अगर यहां एआई शिक्षा को सही तरीके से लागू किया जाता है, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देगा।
ब्रैड स्मिथ का बयान
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस मौके पर माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ (Brad Smith) ने कहा कि जैसे-जैसे एआई रोजमर्रा की पढ़ाई का हिस्सा बन रहा है, यह जरूरी है कि यह शिक्षा को मजबूत करे, शिक्षकों के निर्णय और समझ को बनाए रखे और छात्रों व शिक्षकों का भरोसा जीते। उन्होंने कहा कि भारत में इतने बड़े स्तर पर एआई को अपनाने से शिक्षकों और छात्रों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और शिक्षा के बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
दिल्ली से शुरुआत, 75 स्कूलों तक विस्तार
इस कार्यक्रम की घोषणा नई दिल्ली के सीएम श्री स्कूल, पंडारा रोड में की गई। शुरुआत में इसे राजधानी के सभी 75 सीएम श्री स्कूलों में लागू किया जाएगा। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य हिस्सों में भी बढ़ाया जाएगा। ‘Microsoft Elevate for Educators’ का उद्देश्य एआई साक्षरता, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (तार्किक और तकनीकी सोच) और जिम्मेदार तकनीक उपयोग को रोजमर्रा की पढ़ाई का हिस्सा बनाना है। यह पहल भारत को ‘एआई फर्स्ट’ देश बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, लेकिन साथ ही यह सुनिश्चित करने पर भी जोर देती है कि एआई का उपयोग भरोसेमंद, समावेशी और मानव-केंद्रित हो।
शिक्षकों को बनाया जाएगा बदलाव का केंद्र
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट Puneet Chandok ने कहा कि भारत के एआई परिवर्तन की असली नींव स्किलिंग है। जब तकनीक और जानकारी सबके लिए उपलब्ध होगी, तब असली अंतर इस बात से पड़ेगा कि लोग उसे कितनी समझदारी और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करते हैं। और यह शुरुआत शिक्षकों से होती है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षकों को भारत के एआई फर्स्ट भविष्य का निर्माता बनाएगा। जब शिक्षक एआई को समझेंगे और सही तरीके से इस्तेमाल करेंगे, तब वे छात्रों को भी उसी दिशा में आगे बढ़ा सकेंगे।
बड़े संस्थानों के साथ साझेदारी
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रही है। इनमें Central Board of Secondary Education (CBSE), National Council of Educational Research and Training (NCERT), All India Council for Technical Education (AICTE), National Council for Vocational Education and Training (NCVET) और Directorate General of Training (DGT) शामिल हैं। इसके अलावा राज्य स्तर के शिक्षा और स्किलिंग विभाग भी इस पहल से जुड़े होंगे। इस साझेदारी के जरिए स्कूल, व्यावसायिक और उच्च शिक्षा प्रणाली में पढ़ने वाले करीब 80 लाख छात्रों तक एआई से जुड़ी समान अवसर पहुंचाने की योजना है।
नई शिक्षा नीति के साथ तालमेल
देश की नई शिक्षा नीति 2020 के तहत इस शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 3 से ही एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को सिलेबस में शामिल किया जा रहा है। ‘Microsoft Elevate for Educators’ इस बदलाव को जमीन पर उतारने में मदद करेगा। यह केवल एक अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय और राज्य संस्थानों के साथ लॉन्ग टर्म साझेदारी के जरिए नीति को कक्षा तक पहुंचाने की कोशिश है।
एआई फर्स्ट लेकिन मानव केंद्रित भविष्य
यह पहल भारत के शिक्षा तंत्र के साथ माइक्रोसॉफ्ट की एक दशक लंबी साझेदारी का हिस्सा है। कंपनी का मानना है कि शिक्षक भरोसे, समझ और अवसर के संरक्षक होते हैं। जैसे-जैसे एआई ज्ञान के निर्माण और साझा करने के तरीके को बदल रहा है, वैसे-वैसे शिक्षकों में निवेश करना सबसे मजबूत और स्थायी रास्ता है। ‘Microsoft Elevate for Educators’ के जरिए भारत को एआई फर्स्ट देश बनाने की दिशा में कदम तो बढ़ाया जा रहा है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह भविष्य मानव केंद्रित और जिम्मेदार हो।
