Meta ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च लैब Midjourney के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस पार्टनरशिप के तहत दोनों कंपनियों की रिसर्च टीमें मिलकर AI-पावर्ड इमेज और वीडियो जेनरेशन टेक्नोलॉजी पर काम करेंगी। मेटा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भविष्य में अपने AI मॉडल्स के लिए मिडजर्नी की तकनीकों को लाइसेंस करेगी। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि यह कोई एकमात्र साझेदारी नहीं है और मेटा भविष्य में अन्य कंपनियों के साथ भी सहयोग करेगा।
थ्रेड्स पोस्ट में हुआ ऐलान
मेटा के चीफ AI ऑफिसर अलेक्ज़ेंडर वांग ने थ्रेड्स पर एक पोस्ट में इसे “टेक्निकल पार्टनरशिप” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों की रिसर्च टीमें साथ मिलकर काम करेंगी, जिससे नॉलेज-शेयरिंग और क्षमता-विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, मेटा मिडजर्नी की तकनीकों को अपने भविष्य के मॉडल्स और प्रोडक्ट्स में भी इस्तेमाल करेगा, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मेटा AI यूजर्स मिडजर्नी-पावर्ड इमेज और वीडियो जेनरेट कर पाएंगे या नहीं। वित्तीय समझौते की जानकारी भी साझा नहीं की गई।
भविष्य में और सहयोग की संभावना
वांग ने कहा, “बेहतर प्रोडक्ट्स देने के लिए मेटा को हर दिशा में काम करना होगा। इसका मतलब है विश्वस्तरीय टैलेंट, मजबूत कंप्यूटिंग रोडमैप और इंडस्ट्री के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ सहयोग।” इससे साफ है कि मेटा आगे और कंपनियों से भी साझेदारी कर सकता है।
इमेज-वीडियो जेनरेशन में बड़ा कदम
गूगल के Gemini और OpenAI के ChatGPT जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मेटा इमेज जेनरेशन के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ था। अब मिडजर्नी के साथ यह साझेदारी मेटा के लिए बड़ा कदम साबित हो सकती है। खास बात यह है कि मेटा ने अभी तक अपना कोई वीडियो जेनरेशन मॉडल लॉन्च नहीं किया है, लेकिन मिडजर्नी ने जून में अपना पहला वीडियो जेनरेशन मॉडल V1 पेश किया था।
मिडजर्नी ने क्या कहा?
X (पहले ट्विटर) पर मिडजर्नी के सीईओ डेविड होल्ज़ ने कहा कि यह साझेदारी उनकी तकनीक को और व्यापक दर्शकों तक ले जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सहयोग के बावजूद मेटा को कंपनी में कोई हिस्सेदारी नहीं मिलेगी। उन्होंने लिखा, “हम अब भी एक स्वतंत्र, समुदाय-समर्थित रिसर्च लैब हैं, जिनके पास कोई निवेशक नहीं है और जो मानवीय भविष्य पर केंद्रित महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रही है।”
