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सोशल मीडिया की लत पर Meta-Google-TikTok-Snapchat की बढ़ी मुश्किलें, जानें कैसे?

मार्च में लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने Meta और Google को युवा यूजर्स को नुकसान पहुंचाने वाले प्लेटफॉर्म डिजाइन करने के मामले में लापरवाही का दोषी माना था। इस मामले में एक युवती को 6 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। युवती ने आरोप लगाया था कि बचपन में उसे Instagram और YouTube की लत लग गई थी।

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New Mexico में Meta पर लगा 567 मिलियन डॉलर का जुर्माना

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों और युवाओं में लत बढ़ाने के आरोपों को लेकर Meta, Google, TikTok और Snapchat की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अमेरिका की एक अपीलीय अदालत ने इन कंपनियों के खिलाफ चल रहे हजारों मुकदमों को आगे बढ़ने की मंजूरी दे दी है। कंपनियों की ओर से इन मामलों को रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी।

3,000 से ज्यादा मामलों में आगे बढ़ेगी सुनवाई

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सैन फ्रांसिस्को स्थित 9th US Circuit Court ने Meta और TikTok की अपील को खारिज कर दिया। कंपनियां निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दे रही थीं, जिसमें 3,000 से ज्यादा संघीय मामलों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी।

इन मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया कंपनियों ने अपने प्लेटफॉर्म इस तरह डिजाइन किए कि युवा यूजर्स ज्यादा समय तक इनका इस्तेमाल करते रहें और उन्हें इसकी लत लग जाए। इन मामलों में स्कूल जिलों, बच्चों और उनके परिवारों समेत कई पक्षों ने कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Section 230 का भी दिया था हवाला

Meta और TikTok ने अमेरिकी कानून के Section 230 का हवाला देते हुए दलील दी थी कि यह कानून ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट की जिम्मेदारी से सुरक्षा देता है। कंपनियों का कहना था कि डिजाइन से जुड़ी लत के आरोपों में भी उन्हें इस सुरक्षा का लाभ मिलना चाहिए।

हालांकि, 9th Circuit Court ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि Section 230 कंपनियों को मुकदमे से पूरी तरह छूट नहीं देता, बल्कि कुछ परिस्थितियों में जिम्मेदारी से बचाव का आधार देता है। इसलिए इस चरण पर कंपनियों की अपील को स्वीकार करना उचित नहीं है।

Meta के खिलाफ 29 राज्यों का भी मामला

अदालत ने Meta की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने 29 अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल द्वारा दायर एक मल्टीस्टेट ट्रायल को टालने की अपील की थी। राज्यों का आरोप है कि Meta ने बच्चों का डेटा अवैध तरीके से इकट्ठा किया, युवाओं को अपने प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय तक बनाए रखने के लिए डिजाइन तैयार किया और सुरक्षा से जुड़े मामलों में यूजर्स को गुमराह किया। इस मामले की सुनवाई बुधवार से शुरू होने वाली है।

New Mexico में Meta पर लगा 567 मिलियन डॉलर का जुर्माना

यह फैसला Meta के लिए ऐसे समय आया है जब कंपनी को न्यू मैक्सिको में भी बड़ा झटका लगा है। पिछले हफ्ते एक अदालत ने फैसला सुनाया था कि Meta ने राज्य में सार्वजनिक परेशानी पैदा की और कंपनी को 567 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया गया। यह रकम किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े फंड में जाएगी।

साथ ही कंपनी को युवाओं की सुरक्षा के लिए कुछ कदम उठाने होंगे। इसी मामले के पहले चरण में एक जूरी ने Meta को प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं को गुमराह करने का दोषी पाया था और कंपनी को 375 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया था।

कंपनियों के खिलाफ बढ़ते जा रहे हैं मुकदमे

फेडरल कोर्ट में चल रहे मामलों को कैलिफोर्निया के ओकलैंड में अमेरिकी जिला जज Yvonne Gonzalez Rogers के सामने केंद्रीकृत किया गया है। इन मामलों में कंपनियों से हर्जाने, जुर्माने और मुआवजे की मांग की गई है। इनके अलावा कंपनियों के खिलाफ अमेरिकी राज्यों की अदालतों में भी सैकड़ों अन्य मुकदमे चल रहे हैं। इनमें करीब 3,300 मामले कैलिफोर्निया की एक ही राज्य अदालत में संयुक्त रूप से चल रहे हैं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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