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Alert: 6 April को धरती से टकराएगा 10 ट्रक जितना चौड़ा एस्टेरॉयड!,मिसाइल से भी तेज स्पीड

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Apr 4, 2023, 11:18 AM IST

Asteroid Approaching Earth On 6th April: एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह) हमेशा पृथ्वी के साथ टकराने की संभावनाओं के साथ सुर्खियों में आते हैं। हाल ही में नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने बताया है कि पृथ्वी का आने वाले दिनों में एस्टेरॉयड (Asteroid) के साथ करीब से सामना होगा।

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Asteroid Approaching Earth On 6th April: पृथ्वी का आने वाले दिनों में एस्टेरॉयड के साथ करीब से सामना होगा।

Asteroid Approaching Earth On 6th April: पृथ्वी के पास आने वाले एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह) हमेशा चर्चा बटोरते रहते हैं। ये हमेशा पृथ्वी के साथ टकराने की संभावनाओं के साथ सुर्खियों में आते हैं। इनके टकराव से पृथ्वी पर मानव जीवन के लिए भारी तबाही का अनुमान लगाया जाता रहा है। हाल ही में नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने बताया है कि पृथ्वी का आने वाले दिनों में एस्टेरॉयड (Asteroid) के साथ करीब से सामना होगा।

दो की पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचने की आशंका

नासा के मुताबिक पांच एस्टेरॉयड पृथ्वी के संपर्क में आएंगे और उनमें से दो की पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचने की आशंका है। नासा का एस्टेरॉयड वॉच डैशबोर्ड खास तौर से उन एस्टेरॉयड और धूमकेतुओं को ट्रैक करता है जो पृथ्वी के अपेक्षाकृत निकट पहुंचते हैं या उनके पहुंचने की संभावना होती है। इसी के जरिए नासा किसी भी संभावित खतरनाक एस्टेरॉयड के बारे में पहले ही सूचना देता है।

पृथ्वी की ओर आ रहे एस्टेरॉयड के नाम

  • एस्टेरॉयड 2023 FU6: एक छोटा 45 फुट का एस्टेरॉयड पृथ्वी के अपने निकटतम बिंदु 1,870,000 किलोमीटर की दूरी पर आ रहा है।
  • एस्टेरॉयड 2023 FS11: 82 फुट का एस्टेरॉयड 6,610,000 किलोमीटर के अंतर से पृथ्वी के पास से गुजरेगा।
  • एस्टेरॉयड 2023 FA7: हवाई जहाज के आकार का 92 फुट का एस्टेरॉयड आज 4 अप्रैल को 2,250,000 किलोमीटर की दूरी पर पृथ्वी के करीब पहुंचेगा।
  • एस्टेरॉयड 2023 FQ7: 5 अप्रैल को, 65 फुट के घर के आकार का एक एस्टेरॉयड 5,750,000 किलोमीटर की दूरी पर पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचेगा।
  • एस्टेरॉयड 2023 FZ3: पृथ्वी की ओर आ रहे एस्टेरॉयड में यह सबसे बड़ा है। इसका आकार एक हवाई जहाज के बराबर है। इसके 6 अप्रैल को पृथ्वी से गुजरने की उम्मीद है। 150 फुट चौड़ी चट्टान जो 67,656 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की ओर आ रही है, पृथ्वी के सबसे करीब 4,190,000 किमी की दूरी पर होगा। हालांकि एस्टेरॉयड पृथ्वी के लिए गंभीर खतरा पैदा नहीं करता है।

हाल ही में, नासा के प्लैनेटरी डिफेंस कोऑर्डिनेशन ऑफिस ने कहा कि एक नए खोजे गए एस्टेरॉयड का आकार लगभग एक ओलंपिक स्विमिंग पूल के आकार का है, जिसके अब से 23 साल बाद वेलेंटाइन डे पर पृथ्वी से टकराने की ‘छोटी संभावना’ है।

एक किलोमीटर से अधिक चौड़े एस्टेरॉयड हैं 850 से अधिक

सभी आकार के लगभग 30,000 एस्टेरॉयड में से एक किलोमीटर से अधिक चौड़े 850 से अधिक एस्टेरॉयड शामिल हैं। जो कि पृथ्वी के आसपास के क्षेत्र में में हैं, जिससे उन्हें "नियर अर्थ ऑब्जेक्ट्स" (NEOs) का लेबल मिला है। उनमें से किसी से भी अगले 100 वर्षों तक पृथ्वी को खतरा नहीं है। नासा के अनुसार , एस्टेरॉयड हमारे सौर मंडल के निर्माण से बचे हुए हैं। हमारा सौर मंडल लगभग 4.6 अरब साल पहले शुरू हुआ था जब गैस और धूल का एक बड़ा बादल ढह गया था। जब ऐसा हुआ, तो अधिकांश सामग्री बादल के केंद्र में गिर गई और सूर्य का निर्माण हुआ। बादलों से संघनित हुई धूल में से कुछ ग्रह बन गए।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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