टेक एंड गैजेट्स

Mapmyindia:मैपमाईइंडिया ने ओला के मैप को बताया तिकड़म, OLA ने दिया ये जवाब, जानें पूरा मामला

Mapmyindia Vs OLA: मैपमाईइंडिया ने ओला इलेक्ट्रिक के IPO से पहले 23 जुलाई को ओला को एक कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें नेविगेशन के लिए एपीआई (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) और एसडीके (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट) का उपयोग करने के लिए ओला इलेक्ट्रिक द्वारा कंपनी के साथ 2021 में किए गए लाइसेंस समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था।

Image

ओला बना मैपमाईइंडिया

Mapmyindia Vs OLA:स्वदेशी डिजिटल नेविगेशन कंपनी मैपमाईइंडिया ने ओला की मूल कंपनी एएनआई टेक्नोलॉजीज के भारत का नेविगेशनल मैप विकसित करने के दावे पर सवाल उठाया है और इसे ‘तिकड़म’ बताया है।ओला इलेक्ट्रिक को कानूनी नोटिस भेजने के बाद पीटीआई-भाषा से बातचीत करते हुए मैपमाईइंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और कार्यकारी निदेशक रोहन वर्मा ने ओला के इस दावे पर सवाल उठाया कि मानचित्र की आपूर्ति एक स्टार्टअप जियोस्पोक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई है। इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया गया और यह एएनआई टेक्नोलॉजीज की सहयाक कंपनी बन गई है।

क्या है मामला

वर्मा ने जियोस्पोक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मानचित्र की आपूर्ति करने के दावे पर उसके वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर सवाल उठाया है क्योंकि भारत जैसे बड़े देश का डिजिटल नेविगेशन मानचित्र विकसित करने के लिए भारी निवेश और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।वर्मा ने ओला मैप्स की वजह से कंपनी के कारोबार पर किसी खतरे से इनकार किया है क्योंकि ‘उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है।’

उन्होंने कहा, “हमें कोई कारोबारी जोखिम नहीं दिखता, क्योंकि हमें वहां से कोई अच्छा उत्पाद नहीं मिलता। लोग उनके (ओला) अपडेटेड कैब ऐप, उनके अपडेटेड इलेक्ट्रिक वाहन ऐप के बारे में, उनके नक्शे खराब होने और उपयोगकर्ताओं को परेशानी पैदा करने के बारे में, हर जगह शिकायत कर रहे हैं। हर कोई जानता है कि ये कोरी घोषणा और तिकड़म है।

ओला ने क्या कहा

इस संबंध में पूछने पर ओला के प्रवक्ता ने कहा कि ओला मैपमाइइंडिया द्वारा दिए गए निराधार और प्रेरित बयानों का दृढ़ता से खंडन करता है। यह कंपनी द्वारा अपने प्रतिद्वंद्वियों को बदनाम करके प्रासंगिक बने रहने के हताश प्रयासों का स्पष्ट संकेत है।

मैपमाईइंडिया ने ओला इलेक्ट्रिक के IPO से पहले 23 जुलाई को ओला को एक कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें नेविगेशन के लिए एपीआई (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) और एसडीके (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट) का उपयोग करने के लिए ओला इलेक्ट्रिक द्वारा कंपनी के साथ 2021 में किए गए लाइसेंस समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article