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क्या लोगों की नौकरी खा जाएगा Chat GPT, सर्वे में सामने आया चौंकाने वाला सच

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 14, 2023, 01:34 PM IST

दुनियाभर में Chat GPT ने पेट्रोल में लगी आग जैसे अपनी पकड़ बनाई है और करोड़ों यूजर्स को अब बहुत सारी जानकारी अनोखे अंदाज में मिलने लगी है. एक सर्वे में ये जानने की कोशिश की गई है कि ये नौकरी पर खतरा है या नहीं.

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यूएन ने अपने बयान में कहा है कि एआई सिर्फ एलिवेटर ऑपरेटर की नौकरी खा सकता है.

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KEY HIGHLIGHTS
  • चैट जीपीटी नॉकरी पर खतरा!
  • सर्वे में सामने आया अलग सच
  • इंसानों की जगह ले पाएगा AI?

Chat GPT Bigg Danger for Jobs or Not: चैट जीपीटी दुनियाभर में बेहद तेजी से अपने पैर जमा रहा है और इस एआई तकनीक की चौथी पीढ़ी का लार्ज लैंग्वेज मॉडल जीपीटी4 अगले हफ्ते लॉन्च हो सकता है. इस तकनीक के पॉपुलर होते ही हजारों लोगों की जॉब पर खतरा मंडराने की खबरे तेजी से मीडिया जगत में घूमने लगी हैं. हालांकि इस बात पर अलग-अलग लोगों के अलग मत हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगों की नौकरियां खाएगा या नहीं, कुछ का कहना है कि एआई इंसानों की जगह नहीं ले सकता. यूएन ने अपने बयान में कहा है कि एआई सिर्फ एलिवेटर ऑपरेटर की नौकरी खा सकता है.

तेजी से आ रही नई-नई तकनीक

गौरतलब है कि टेक्नोलॉजी बीते कुछ साल में अलग ही लेवल पर पहुंच गई है और आपका काम बहुत आसानी और सटीक तरीके से करने वाले कई ऐप्स अब सस्ते स्मार्टफोन में भी चलते हैं. हाल में चैट जीपीटी और एएआई को लेकर एक सर्वे किया गया है जिसे ResumeBuilder.com ने किया है. इसमें सामने आया है कि यूएस के 1000 व्यापारों में से 49 फीसदी ने चैट जीपीटी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, वहीं करीब 30 प्रतिशत फर्म जल्द इसका इस्तेमाल शुरू करेंगी.

फायदा भी करता है चैट जीपीटी

इस सर्वे में ये भी सामने आया है कि 48 फीसदी कंपनियों में कर्मचारियों को बदला गया है जहां चैटजीपीटी इस्तेमाल किया जाता है, वहीं 25 प्रतिशत कंपनियों का कहना है कि अब तक चैटबॉट की वजह से वो 75,000 डॉलर से ज्यादा बचा चुके हैं. हालांकि जिन कंपनियों में लोगों की जगह चैट जीपीटी ने ली है, वो कोड लिखने, कॉपीराइटिंग, कस्टमर सपोर्ट और अन्य कई काम करती हैं. कुल मिलाकर इस सर्वे में सामने आया है कि कुछ चुनिंदा काम को छोड़कर चैट जीपीटी या कोई अन्य अआई इंसान की जगह नहीं ले सकता.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्ले author

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडी... और देखें

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