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भारत में तेजी से बढ़ रहा GenAI, तीन महीने में 600% हुआ निवेश

Generative AI in India: नैसकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, जेनरेटिव एआई से जुड़े अनुप्रयोगों को सबसे अधिक फंडिंग मिलीष हालांकि, वैश्विक स्तर पर जेनएआई स्टार्टअप वित्तपोषण सितंबर तिमाही में लगभग चार अरब डॉलर रहा जो जून तिमाही की तुलना में 2.3 गुना गिरावट दर्शाता है।

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GenAI Tools

Photo : Times Now Digital

Generative AI in India: सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) इंडस्ट्री के निकाय नैसकॉम ने कहा है कि भारत की जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जेन-एआई) पारिस्थितिकी ग्लोबल स्तर पर सुस्ती के बीच उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है और इसमें तिमाही निवेश में छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है। नैसकॉम ने सोमवार को जेनरेटिव एआई पर जारी एक रिपोर्ट में भारत के जेनरेटिव एआई परिदृश्य के भीतर वित्तपोषण और नवाचार में मजबूत उछाल का ब्योरा पेश किया।

तीन महीने में 6 गुना वृद्धि

रिपोर्ट कहती है कि भारतीय जेन-एआई स्टार्टअप वित्तपोषण जुलाई-सितंबर तिमाही में लगभग 5.1 करोड़ डॉलर था जो तिमाही आधार पर छह गुना से अधिक है। इसके पीछे बी2बी और एआई स्टार्टअप की अहम भूमिका रही। जून तिमाही के कमजोर प्रदर्शन के बाद दूसरी तिमाही में वित्तपोषण दौर में वृद्धि देखी गई।

Gen AI को मिल रही ज्यादा फंडिंग

नैसकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, जेनरेटिव एआई से जुड़े अनुप्रयोगों को सबसे अधिक फंडिंग मिलीष हालांकि, वैश्विक स्तर पर जेनएआई स्टार्टअप वित्तपोषण सितंबर तिमाही में लगभग चार अरब डॉलर रहा जो जून तिमाही की तुलना में 2.3 गुना गिरावट दर्शाता है।

भारत की अधिकांश प्रमुख और मध्यम आकार की प्रौद्योगिकी कंपनियां 2023 की शुरुआत से ही जेनएआई मंचों के विकास कार्यों में जुड़ी हुई हैं। इन मंचों को धीरे-धीरे मल्टीमॉडल, मल्टी-मॉडल डेटा, एआई और क्लाउड एकीकरण पारिस्थितिकी के साथ पेश किया जा रहा है।

नैसकॉम की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य रणनीति अधिकारी संगीता गुप्ता ने कहा, ‘‘जेनरेटिव एआई परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है, प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाताओं को नया आकार दे रहा है और नई क्षमताओं को जन्म दे रहा है। प्रदाता रणनीतियों का नए सिरे से मूल्यांकन कर रहे हैं और प्रौद्योगिकी एवं प्रतिभा में निवेश बढ़ा रहे हैं।’’

इनपुट- भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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