मेटा एक नए स्टैंडअलोन ऐप पर काम कर रहा है, जिसका मकसद स्नैपचैट जैसी ऐप यानी थोड़े समय में गायब होने वाली कम्युनिकेशन सर्विस देना है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऐप का प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है, जिसे ‘Instants’ नाम दिया गया है। इसके जरिए यूजर फोटो और वीडियो भेज सकेंगे, जो कुछ समय बाद अपने आप गायब हो जाएंगे।
‘Instants’ नाम से अलग ऐप और फीचर दोनों पर काम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा न सिर्फ एक अलग ऐप पर काम कर रहा है, बल्कि इंस्टाग्राम के भीतर भी इसी नाम से एक नया फीचर विकसित किया जा रहा है। मेटा के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि यह फिलहाल केवल इंटरनल लेवल पर विकसित हो रहा प्रोटोटाइप है और इसे अभी बाहरी यूजर्स के लिए टेस्ट नहीं किया गया है।
कहां से मिला नए ऐप का संकेत?
मोबाइल डेवलपर एलेसेंड्रो पालुजी, जो ऐप्स के कोड का विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं, ने दावा किया है कि इंस्टाग्राम के “Also from Meta” सेक्शन में Instants का जिक्र देखा गया है। वहां इसे दोस्तों के साथ गायब होने वाली तस्वीरें शेयर करने के एक विकल्प के तौर पर दिखाया गया है।
इंस्टाग्राम में भी हो रहा सीमित परीक्षण
रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम एक नए फीचर का भी परीक्षण कर रहा है, जिसे पहले Shots कहा जाता था और अब इसे Instants नाम दिया गया है। यह फीचर फिलहाल कुछ चुनिंदा देशों में सीमित यूज़र्स के लिए टेस्ट किया जा रहा है।
कैसे काम करेगा ‘Instants’ फीचर?
इस फीचर के तहत यूज़र अपने डायरेक्ट मैसेज (DM) इनबॉक्स में ऐसी फोटो या वीडियो भेज सकेंगे, जो खोलते ही गायब हो जाएगी। अगर मीडिया खोला नहीं गया, तो वह 24 घंटे बाद अपने आप एक्सपायर हो जाएगा। खास बात यह है कि ये मीडिया केवल उन्हीं फॉलोअर्स को भेजी जा सकेगी, जो एक-दूसरे को फॉलो करते हों, और इन्हें एडिट भी नहीं किया जा सकेगा।
पहले से मौजूद हैं गायब होने वाले फीचर
यह पहली बार नहीं है जब इंस्टाग्राम इस तरह के फीचर पर काम कर रहा है। प्लेटफॉर्म पर पहले से ही View Once और Vanish Mode जैसे विकल्प मौजूद हैं, जिनमें मैसेज और मीडिया तय समय के बाद अपने आप गायब हो जाते हैं।
लॉन्च को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार
इस कदम से इंस्टाग्राम और स्नैपचैट के बीच की प्रतिस्पर्धा और तेज़ होने की उम्मीद है, हालांकि मेटा ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि Instants फीचर या ऐप को कब और किस रूप में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी अक्सर कई आंतरिक प्रोटोटाइप पर काम करती है, जिनमें से कई टेस्टिंग से आगे नहीं बढ़ पाते।
