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सावधान! टेलीग्राम पर ₹99 में बिक रहा आपका निजी डेटा! मोबाइल नंबर से डिटेल्स लीक, जानिए बचने का तरीका

Mobile number personal data leak: एक टेलीग्राम बॉट सिर्फ मोबाइल नंबर के जरिए निजी जानकारी-जैसे नाम, पता, वैकल्पिक नंबर, और आधार कार्ड देने का दावा कर रहा है। चिंता की बात यह है कि यह जानकारी एकदम सही है। चलिए जानते हैं कि कैसे इस डेटा लीक से बता जाए।

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टेलीग्राम बॉट पैसे लेकर यूजर्स को मोबाइल नंबर से जुड़ी पूरी डिटेल्स दिखा रहा है।

Mobile number personal data leak: आज यानी 2025 की डिजिटल दुनिया में साइबर सुरक्षा एक बड़े संकट के रूप में सामने आ रही है। हाल ही में सामने आई जानकारी चौंकाने वाली है। जानकारी के अनुसार, केवल किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर डालने पर उसकी निजी जानकारी-जैसे नाम, पता, वैकल्पिक नंबर, और आधार कार्ड जैसी पहचान पत्र डिटेल्स-महज कुछ सेकंड में एक Telegram बॉट द्वारा उजागर की जा रही हैं। चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

महज 99 रुपये में बिक रहा आपका डेटा ?

हमारा सहयोगी मीडिया डिजिट के एक रिपोर्टर को एक टेलीग्राम बॉट मिला जो मोबाइल नंबर के जरिए कोई भी जानकारी निकालने का दावा करता है। यह बॉट पैसे लेकर यूजर्स को मोबाइल नंबर से जुड़ी पूरी डिटेल्स दिखा रहा है। डिजिट की रिपोर्ट से पता चलता है कि टेलीग्राम बॉट के यूजर्स की निजी जानकारी का पास पूरा रेट कार्ड है। बॉट ने प्रत्येक सर्च के लिए 99 रुपये का भुगतान करने को कहा। इस बॉट में जानकारी की मात्रा और संवेदनशीलता के आधार पर प्लान की कीमत 4,999 रुपये प्रति माह तक जाती है।

ज्यादा जानकारी के लिए डिजिट के रिपोर्टर ने 2,499 रुपये का प्लान खरीदा और सबसे पहले अपना नंबर वेरीफाई करने की कोशिश की। डिजिट के अनुसार, बॉट की जानकारी इतनी सटीक थी कि उनके नाम, पिता का नाम, पुराना और नया पता, यहां तक कि आधार या वोटर ID की जानकारी तक इसमें शामिल थी। इसके बाद कई और नंबर की जांच की गई और सभी का डेटा एकदम सटीक था।

3-4 साल पुराना है डेटा, लेकिन चिंता गंभीर

रिपोर्ट के मुताबिक, यह डेटा लगभग 3-4 साल पुराना है, जो कहीं न कहीं से लीक हुआ प्रतीत होता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस डेटा का इस्तेमाल कोई अपराधी व्यक्ति कर ले तो वह फर्जी KYC, बैंक लोन, फ्रॉड ट्रांजैक्शन, या आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकता है।

सावधान कैसे रहें?

  • किसी भी अनजान वेबसाइट या ऐप को अपनी निजी जानकारी न दें।
  • आधार कार्ड का मास्क्ड वर्जन ही शेयर करें।
  • UIDAI से आधार लॉक कराएं और जरूरत पर ही खोलें।
  • संदिग्ध OTP, KYC या SIM पोर्ट रिक्वेस्ट को नजरअंदा करें।
  • साइबर क्राइम की शिकायत तुरंत 1930 या cybercrime.gov.in पर करें।

टेलीग्राम ने क्या कुछ कहा ?

डिजिट की रिपोर्ट के बाद टेलीग्राम ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि कंपनी ने इस बॉट को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि निजी जानकारी का प्रसार (डॉक्सिंग) Telegram की सर्विस शर्तों के तहत स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित है, और इस तरह का कंटेंट पाए जाने पर तुरंत हटा दिया जाता है। मॉडरेटर प्लेटफार्म के सार्वजनिक हिस्सों की सक्रिय रूप से निगरानी करते हैं और रिपोर्ट भी देते हैं, जिससे हर दिन लाखों खतरनाक कंटेंट को हटाया जाता है- जिनमें प्राइवेट डेटा का प्रसार भी शामिल है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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