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Neal Mohan: टाइम ने YouTube के CEO नील मोहन को ‘सीईओ ऑफ द ईयर’ चुना

नील मोहन ने साल 2023 में यूट्यूब के सीईओ का पद संभाला था। उन्होंने सुसान वोजिकी के इस्तीफे के बाद इस पद को संभाला था। नील मोहन इसके साथ ही स्टारबक्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य भी हैं।

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नील मोहन ने 2023 में यूट्यूब के सीईओ का पद संभाला था।

भारतीय मूल के यूट्यूब के सीईओ नील मोहन को टाइम मैगजीन ने 2025 का ‘सीईओ ऑफ द ईयर’ चुना है। टाइम ने कहा कि मोहन ने डिजिटल दुनिया और ऑनलाइन संस्कृति को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। पत्रिका ने उनकी तुलना उस किसान से की है जो पूरी दुनिया के दर्शकों के लिए “सामग्री उगाता” है। टाइम के अनुसार, जैसे-जैसे यूट्यूब दुनिया भर में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है, वह लोगों की रोजाना देखी जाने वाली सामग्री पर बड़ा असर डाल रहा है।

टाइम की तरफ से नील मोहन को 'आश्चर्यजनक रूप से शांत' बताया गया है, क्योंकि वह नेतृत्व करते समय शांत और सोच-समझकर फैसले लेते हैं। मुश्किल परिस्थितियों में भी वह विचलित नहीं होते। टाइम के मुताबिक, उन्हें खेल देखना पसंद है और वे अपनी बेटियों के साथ डांस प्रोग्राम में हिस्सा लेना पसंद करते हैं। नील मोहन हमेंशा से ही आम लोगों की तरह मिलनसार है जो कि उनकी सादगी को दिखाता है।

2023 में बने यूट्यूब के सीईओ

नील मोहन ने साल 2023 में यूट्यूब के सीईओ का पद संभाला था। उन्होंने सुसान वोजिकी के इस्तीफे के बाद इस पद को संभाला था। नील मोहन इसके साथ ही स्टारबक्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य भी हैं। आपको बात दें कि मोहन 2008 में गूगल से जुड़े थे यूट्यूब सीईओ पद संभालने से पहले वे कंपनी के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर थे। सीईओ बनने के बाद उन्होंने कहा था कि, 'मीडिया उद्योग पूरी तरह बदल रहा है। इसमें बहुत बदलाव हो रहे हैं, और अगर आप समय के साथ नहीं बदले, तो पीछे रह जाएंगे।' उनका यह बयान दिखाता है कि आज के दौर में, जहां डिजिटल कंटेंट देखने के तरीके लगातार बदल रहे हैं, खुद को बदलना और समय के साथ चलना कितना ज़रूरी है।

मोहन की यूट्यूब के लिए सोच समावेशिता पर आधारित है। उनका कहना है कि प्लेटफ़ॉर्म का सबसे बड़ा मकसद है हर किसी को अपनी बात कहने का मौका देना। वह ऐसी नीतियों का समर्थन करते हैं जो अलग-अलग विचारों और आवाज़ों को जगह देती हैं, ताकि यूट्यूब सच में सबके लिए खुला मंच बना रहे।

लखनऊ में बिताय बचपन

मोहन का जन्म अमेरिका के इंडियाना में हुआ था, लेकिन 12 साल की उम्र में वे भारत के लखनऊ आ गए। दोनों देशों में बिताए बचपन के अनुभवों ने उनकी सोच और उनके नेतृत्व के तरीके को काफी प्रभावित किया है। उन्होंने 1996 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद में 2005 में उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी से एमबीए भी किया। टाइम द्वारा ‘सीईओ ऑफ द ईयर’ चुना जाना दिखाता है कि डिजिटल मीडिया की दुनिया में उनका असर कितना बड़ा है। अनुकूलता और समावेशिता पर ध्यान देते हुए वे यूट्यूब को लगातार आगे ले जा रहे हैं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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