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2023 में भारत में बढ़ी डीपटेक स्टार्टअप की संख्या, अब फंडिंग को मोहताज

Indian Deeptech Startups: भारतीय डीपटेक स्टार्टअप ने पिछले पांच साल में लगभग 10 अरब डॉलर जुटाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में ही कुल 85 करोड़ डॉलर जुटाए गए। यह 2022 में जुटाए गए 3.7 अरब डॉलर की तुलना में 77 प्रतिशत कम है। भारत में वर्तमान में 3,600 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप हैं, जिनमें से 480 पिछले साल ही स्थापित किए गए।

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Indian Deeptech Startups (Image-iStock)

Indian Deeptech Startups: भारत में 2023 में ‘डीपटेक’ स्टार्टअप में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 480 नए स्टार्टअप उभरे, जिससे यह ग्लोबल स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा पूल बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में 480 नए डीपटेक स्टार्टअप शुरू हुए हैं। हालांकि, अब भारत की डीपटेक संभावनाएं फंडिंग की कमी के कारण अवरुद्ध हैं।

भारत में 3,600 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप

हालांकि, टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री बॉडी नैसकॉम और ग्लोबल कंस्लटिंग फर्म जिनोव की रिपोर्ट ने फंडिंग में गिरावट की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर किया है, जो इन स्टार्टअप के लिए एक बड़ी चुनौती है। रिपोर्ट में कहा गया, “भारत में वर्तमान में 3,600 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप हैं, जिनमें से 480 पिछले साल ही स्थापित किए गए। यह संख्या 2022 में स्थापित डीपटेक स्टार्टअप की संख्या से लगभग दोगुना अधिक है।”

अब फंडिंग को मोहताज डीपटेक स्टार्टअप

हालांकि, भारत की डीपटेक संभावनाएं फंडिंग की कमी के कारण अवरुद्ध हैं। इसमें कहा गया, “कुछ अन्य प्रमुख डीपटेक इकोसिस्टम में स्टार्टअप की तुलना में भारतीय डीपटेक स्टार्टअप को हर चरण में औसत निवेश का एक अंश ही प्राप्त होता है। वित्तपोषण की यह कमी कुछ होनहार डीपटेक स्टार्टअप के आगे बढ़ने की क्षमता को सीमित करती है। इससे ग्लोबल डीपटेक दौड़ में प्रतिस्पर्धा करने की भारत की क्षमता में बाधा उत्पन्न होती है।”

भारतीय डीपटेक स्टार्टअप ने पिछले पांच साल में लगभग 10 अरब डॉलर जुटाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में ही कुल 85 करोड़ डॉलर जुटाए गए। यह 2022 में जुटाए गए 3.7 अरब डॉलर की तुलना में 77 प्रतिशत कम है। इस बीच, 2023 में सौदों की संख्या 2022 की तुलना में 25 प्रतिशत घट गई।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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