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भारत को AI के आधारभूत ढांचे में निवेश बढ़ाना होगा, कर-छूट की घोषणा बड़ा अवसर: Nvidia

चिप विनिर्माता कंपनी एनवीडिया में उद्यम कारोबार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर त्रिवेदी ने कहा कि दुनिया की करीब 2,000 बड़ी कंपनियों में से लगभग 1,800 की भारत में बड़े वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) हैं। इनमें इस समय 20 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं और यह संख्या जल्द ही 30 लाख तक पहुंचने वाली है।

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कर छूट से एआई का एक मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार होगा।(फोटो क्रेडिट-iStock)

भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में मौजूदा 1.2 अरब डॉलर के निवेश को वैश्विक स्तर के अनुरूप बढ़ाने की जरूरत है और बजट में विदेशी कंपनियों को 20 वर्ष की कर-छूट की घोषणा से कृत्रिम मेधा के विस्तार के लिए ’’आधारभूत ढांचा’’ तैयार होगा। यह बात बुधवार को एनवीडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कही।

चिप विनिर्माता कंपनी एनवीडिया में उद्यम कारोबार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर त्रिवेदी ने कहा कि दुनिया की करीब 2,000 बड़ी कंपनियों में से लगभग 1,800 की भारत में बड़े वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) हैं। इनमें इस समय 20 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं और यह संख्या जल्द ही 30 लाख तक पहुंचने वाली है।

उन्होंने यहां ’इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में कहा, ’’ इन सभी वैश्विक क्षमता केंद्रों को स्थानीय स्तर पर ’एआई कारखाना’ चाहिए, जहां से वे अपने डेटा, कारोबारी प्रक्रियाएं और बौद्धिक संपदा से लेकर बुद्धिमत्ता पर काम कर सकें। इसलिए बजट की यह घोषणा भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर है। जैसा हम कहते हैं, यह आधारभूत ढांचा है।’’

केंद्रीय बजट में हुई है घोषणा

केंद्रीय बजट 2026-27 में यह घोषणा की गई है कि भारत में डेटा केंद्र सेवाएं लेने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को 2047 तक 20 वर्ष की कर-छूट मिलेगी। इससे इस आशंका का समाधान होगा कि उनकी वैश्विक आय पर भारतीय कर लगेगा।

वैश्विक कंपनी भारत में अपना डेटा केंद्र लगाए या किसी भारतीय डेटा केंद्र से सेवाएं ले, दोनों ही स्थितियों में कर व्यवस्था समान रहेगी जिससे सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित होंगे। भारत में कृत्रिम मेधा को बढ़ावा देने के बारे में त्रिवेदी ने कहा कि आधारभूत ढांचे में 1.2 अरब डॉलर का निवेश सराहनीय है और इसका भरपूर उपयोग हो रहा है।

इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम(एनपीसीआई) ने भारत के भुगतान तंत्र के लिए विशेष रूप से निर्मित अपने स्वायत्त एआई मॉडल की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एनवीडिया के साथ सहयोग की बुधवार को घोषणा की। एनपीसीआई ने बयान में कहा कि यह पहल बड़े पैमाने पर, वास्तविक समय भुगतान प्रणालियों की बढ़ती आवश्यकताओं का समर्थन करेगी जिसमें विश्वास, मजबूती, सुरक्षा और तंत्र को सक्षम बनाने पर जोर दिया गया है।

AI क्षमता को आगे बढ़ाना ही लक्ष्य

एनपीसीआई के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी विशाल कनवती ने कहा, ’’एनवीडिया के साथ इस सहयोग के माध्यम से एनपीसीआई का लक्ष्य भारत के भुगतान तंत्र के लिए विशेष रूप से तैयार की गई एआई क्षमताओं को आगे बढ़ाना है। बड़े पैमाने पर वास्तविक समय के आधार पर भुगतान प्रणालियों के संचालन के हमारे अनुभव से प्रेरणा लेते हुए, यह पहल एक संप्रभु, भुगतान-आधारित एआई आधार बनाने के लिए तैयार की गई है जो भारत के नियामकीय एवं डेटा संप्रभुता आवश्यकताओं के अनुरूप रहते हुए विश्वास और सुरक्षा को मजबूत करती है।’’

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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