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GST 2.0: जीएसटी कम हुआ तो रिचार्ज प्लान सस्ते क्यों नहीं हुए, सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे सवाल

GST Reform 2025: यदि आप नहीं जानते तो आपको बता दें कि भारत में मोबाइल रिचार्ज प्लान और अन्य टेलीकॉम सेवाओं पर जीएसटी लगता है। मोबाइल रिचार्ज (प्रीपेड और पोस्टपेड बिल) पर वर्तमान जीएसटी की दर 18% है।

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GST ON MOBILE RECHARGE PLAN/Photo- Canva

हाल ही में सरकार ने जीएसटी की दरों में बदलाव किया है। सरकार और कंपनियों की ओर से जीएसटी की नई दरों के फायदे भी गिनाए जा रहे हैं। कुछ गाड़ियों की कीमत में तो 10 लाख रुपये तक की कटौती हुई है जिसके बाद नवरात्रि में गाड़ियों की खूब बिक्री भी हो रही है। बाइक की कीमतों में भी काफी कमी देखी जा रही है, लेकिन देश में करीब 100 करोड़ लोग मोबाइल इस्तेमाल करते हैं, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

जीएसटी में बदलाव का रिचार्ज प्लान पर असर नहीं

यदि आप नहीं जानते तो आपको बता दें कि भारत में मोबाइल रिचार्ज प्लान और अन्य टेलीकॉम सेवाओं पर जीएसटी लगता है। मोबाइल रिचार्ज (प्रीपेड और पोस्टपेड बिल) पर वर्तमान जीएसटी की दर 18% है।

उदाहरण के लिए- यदि आप 100 रुपये का रिचार्ज करवाते हैं, तो 100 रुपये में 18% जीएसटी शामिल होता है। यह 18% टैक्स आपकी सेवा (कॉल, डेटा, SMS) की कीमत पर लगाया जाता है।

यह दर प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह की सेवाओं पर लागू होती है। यह दर भारत सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है और समय-समय पर बदल सकती है, लेकिन वर्तमान में यह 18% है। प्री-पेड और पोस्टपेड मोबाइल रिचार्ज कराते समय यह दिखता नहीं लेकिन आपको जीएसटी का भुगतान करना होता है।

जो रिचार्ज कीमत आप देखते हैं (जैसे ₹239, ₹599 आदि), उसमें GST पहले से ही जोड़ा हुआ होता है। आप टेलीकॉम कंपनी या रिचार्ज ऐप (जैसे MyJio, Airtel Thanks, PhonePe, Paytm) के इनवॉइस या रसीद में देख सकते हैं कि कितना टैक्स कट रहा है।

सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं लोग

ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि जब मोबाइल रिचार्ज पर 18% जीएसटी लगता है और सरकार टैक्स कम करने की बात कर रही है, तो कंपनियों ने प्लान की कीमतों में कमी क्यों नहीं की, जबकि जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू हो गई हैं। इसके अलावा लोगों का कहना है कि हर साल रिचार्ज प्लान महंगे हो रहे हैं और जब सरकार की ओर से टैक्स में बदलाव किया जा रहा है तो उसका असर भी इनपर नहीं पड़ रहा है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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