टेक एंड गैजेट्स

1,338 करोड़ रुपये जुर्माने पर SC में लिस्टेड हुई गूगल की याचिका, प्लेस्टोर से जुड़ा है मामला

CCI Vs Google: एनसीएलएटी ने अपने फैसले में एंड्रॉयड इकोसिस्टम में अपनी अग्रणी स्थिति का फायदा उठाने के लिए गूगल पर सीसीआई की तरफ से लगाए गए जुर्माने को बरकरार रखा था। लेकिन गूगल को पहले से इंस्टॉल ऐप को यूजर्स द्वारा हटाने पर प्रतिबंध नहीं लगाने का आदेश खारिज कर दिया गया था।

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anti-competition case

CCI Vs Google: दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि एंड्रॉयड मोबाइल सिस्टम में कथित प्रतिस्पर्धा-रोधी व्यवहार से संबंधित मामले में बहस पांच-छह दिन तक चल सकती है। शीर्ष अदालत में अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले को गूगल ने चुनौती दी है। इसके साथ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने भी जवाबी अपील दाखिल की हुई है।

गूगल पर लगा था 1,338 करोड़ रुपये जुर्माना

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने पिछले साल 29 मार्च को इस मामले में गूगल की कथित प्रतिस्पर्धा-रोधी प्रथाओं पर एक मिलाजुला निर्णय दिया था। उसने गूगल पर लगा 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना बरकरार रखा था लेकिन अपने एंड्रॉयड प्लेस्टोर पर तीसरे पक्ष के ऐप की मेजबानी की अनुमति देने जैसी शर्तों को खत्म कर दिया था।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने मामले से जुड़ी याचिकाएं बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दीं। लेकिन याचिकाओं पर सुनवाई होने की संभावना नहीं है क्योंकि पीठ के पास आंशिक रूप से सुने गए मामलों की भरमार है।

गूगल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने याचिका का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई में पांच-छह दिन लग सकते हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘‘याचिका कार्य सूची में अपनी स्थिति बनाए रखेगी। देखते हैं चीजें आगे बढ़ती हैं... इस मामले को शुरू होने दें। हम देखेंगे।’’

बंसल को नियुक्त किया था नोडल वकील

इससे पहले जुलाई में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि वह मामले में गूगल और प्रतिस्पर्धा आयोग की याचिकाओं पर सितंबर के दूसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा। पीठ ने मामले के आसान निर्णय के लिए दोनों पक्षों के वकीलों की मदद से एकसमान डिजिटल अर्जी तैयार करने के लिए वकील समीर बंसल को नोडल वकील नियुक्त किया था।

एनसीएलएटी ने अपने फैसले में एंड्रॉयड इकोसिस्टम में अपनी अग्रणी स्थिति का फायदा उठाने के लिए गूगल पर सीसीआई की तरफ से लगाए गए जुर्माने को बरकरार रखा था। लेकिन गूगल को पहले से इंस्टॉल ऐप को यूजर्स द्वारा हटाने पर प्रतिबंध नहीं लगाने का आदेश खारिज कर दिया गया था। प्रतिस्पर्धा आयोग ने 20 अक्टूबर, 2022 को एंड्रॉयड मोबाइल उपकरणों के संबंध में प्रतिस्पर्धा-रोधी व्यवहार के लिए गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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