गूगल ने एआई-आधारित मौसम पूर्वानुमान में बड़ा कदम उठाते हुए अपना नया और हाईब्रिड मॉडल WeatherNext 2 लॉन्च कर दिया है। वर्षों की रिसर्च और परीक्षण के बाद अब यह तकनीक गूगल के रोजमर्रा के प्रोडक्ट्स- जैसे सर्च, जेमिनी और पिक्सल फोन में शामिल की जा रही है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल पारंपरिक मौसम प्रणालियों की तुलना में काफी तेज, ज्यादा सटीक और बेहद स्केलेबल है। इसके साथ ही, एआई-चालित मौसम पूर्वानुमान अब प्रयोगशाला से निकलकर सीधे करोड़ों यूजर्स तक पहुंच रहा है।
WeatherNext 2: गूगल की वर्षो पुरानी रिसर्च का परिणाम
गूगल की एआई मौसम परियोजना कई सालों से विकसित हो रही थी, लेकिन अब WeatherNext 2 इसे मुख्यधारा में लाने के लिए तैयार है। Google DeepMind के अनुसार नया मॉडल पिछले संस्करण की तुलना में 8 गुना तेज है। यह 99.9% प्रमुख मौसम वेरिएबल्स जैसे तापमान, वर्षा और हवा को अधिक सटीकता से अनुमानित कर सकता है। जहां पारंपरिक मॉडल सुपरकंप्यूटर पर वायुमंडलीय भौतिकी का पुनर्निर्माण करते हैं, वहीं AI मॉडल भारी मात्रा में ऐतिहासिक मौसम डेटा का विश्लेषण करके पैटर्न पहचानता है और उनकी मदद से भविष्य की परिस्थितियों का अनुमान लगाता है।
मिनटों में तैयार होता है फोरकास्ट
जहां पुराने भौतिकी-आधारित मॉडल अनुमान तैयार करने में घंटों लगाते थे, वहीं WeatherNext 2 गूगल के TPU चिप्स पर एक मिनट से भी कम समय में फोरकास्ट तैयार कर लेता है। यह तेजी न सिर्फ रोजमर्रा के उपयोगकर्ताओं के लिए, बल्कि उन उद्योगों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है जिन्हें रियल-टाइम, हाई-रेज़ोल्यूशन मौसम जानकारी की जरूरत होती है, जैसे- ऊर्जा, कृषि, परिवहन, लॉजिस्टिक्स आदि। WeatherNext 2 घंटे-दर-घंटे का पूर्वानुमान देने के साथ-साथ 15 दिनों तक की भविष्यवाणी भी कर सकता है।
WeatherNext 2 की सबसे बड़ी तकनीकी सफलता गूगल की Functional Generative Network (FGN) तकनीक से आई है। पुराने AI मॉडल एक फोरकास्ट तैयार करने के लिए कई बार डेटा प्रोसेस करते थे FGN के साथ WeatherNext 2 हर इनपुट में नियंत्रित रैंडमनेस जोड़ता है। इससे मॉडल एक ही स्टेप में सैकड़ों संभावित परिणाम बना सकता है। इसका फायदा यह है कि सिस्टम तेजी से काम करता है, ज्यादा समृद्ध परिदृश्य प्रदान करता है और यूजर्स को अधिक विश्वसनीय मार्गदर्शन मिलता है।
