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Google के Deep Think का रोलआउट हुआ शुरू, चुटकियों में मिलेंगे कठिन सवाल के जवाब

टेक जायंट गूगल ने Gemini ऐप में नया AI टूल Deep Think शुरू कर दिया है. अब इसकी मदद से आप कठिन सवालों के जवाब कुछ ही सेकेंड्स में पा सकेंगे। आइए आपको इस नए एआई टूल के बारे में डिटेल जानकारी देते हैं।

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गूगल के एआई टूल को मिला नया फीचर। (फोटो क्रेडिट-Digit)

Google Gemini Deep Think: गूगल अपने करोड़ों ग्राहकों को कई तरह की सर्विस ऑफर करता है। कंपनी ने अपने एआई टूल Gemini को लगातार अपडेट कर रहा है। Gemini को लॉन्च करने के बाद ही कंपनी इस पर नए-नए फीचर्स जोड़ रही है ताकि लोगों को सहूलियत मिल सके और साथ ही नया एक्सपीरियंस भी मिल सके। अब गूगल की तरफ से Gemini ऐप पर एक नया फीचर जोड़ दिया गया है जो कि deep Think है। कंपनी ने इसको रोलआउट करना भी शुरू कर दिया है।

अगर आप Google Gemini ऐप इस्तेमाल करते हैं और इसके अल्ट्रा सब्क्राइबर हैं तो आप भी Deep Think इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी ने अभी इसका सपोर्ट सिर्फ अल्ट्रा यूजर्स को ही दिया है। नए अपडेट के बाद अब Gemini पहले से कहीं ज्यादा फास्ट और स्मार्ट बन चुका है। इसकी मदद से अब आपको मुश्किल सवालों के जवाब तलाशने में भी मदद मिलने वाली है।

क्या है deep Think?

आपको आसान शब्दों में सझाएं तो डीप थिंक गूगल का एक एडवांस एआई फीचर है। इसें कंपनी ने कुछ खास टास्क के लिए डिजाइन डिजाइन किया है। किसी भी टॉपिक के टफ सॉल्यूशन के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। Deep Think गूगल के Gemini 2.5 मॉडल का हिस्सा है। कंपनी ने अपने एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए जेमिनाई ऐप में उपलब्ध कराया है।

गूगल की मानें तो यह AI फीचर IMO 2025 के बेंचमार्क में Bronze लेवल तक की तगड़ी परफॉर्मेंस देता है। Deep Think गणित के कठिन सवालों को भी चुटकियों में सॉल्व कर देता है।

कैसे काम करता है यह नया फीचर

Google का Deep Think बहुत ही ज्यादा एडवांस और स्मार्ट है। इसके सोचने का तरीका काफी हद तक मनुष्य जैसा है। यह एआई टूल एक साथ कई सारे टॉपिक्स और आइडिया को सोच सकता है। इसका एनॉलिसिस कैपेबिलिटी काफी तेज है। कठिन से कठिन सवालों को यह कुछ ही सेकंड में सॉल्व कर देता है। इसमें Parallel Thinking Technique का इस्तेमाल होता है जिसमें एक साथ कई सारे विचार पर काम किया जाता है। इसके साथ ही इसमें Extended Inference Time भी दिया गया है जिससे एआई मॉडल को किसी टॉपिक या फिर आइडिया में सोचने के लिए पर्याप्त समय मिलता है इससे एक्यूरेट सॉल्यूशन मिलने की संभावना की गुना बढ़ जाती है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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