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आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहा Blinkit! वेयरहाउस में छापेमारी के बाद उठे गंभीर सवाल

Food Safety in Blinkit's Warehouse: ब्लिंकिट के वेयरहाउस में बुनियादी स्वच्छता जांच की व्यवस्था नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं विभाग को कंपनी के वेयरहाउस से एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थ भी मिले। वहीं सूजी, कच्चा पीनट बटर, मैदा, पोहा, बेसन और बाजरा जब्त किए गए, जिनकी कीमत 30,000 रुपये है।

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Photo : PTI

Food Safety in Blinkit's Warehouse: खाद्य सुरक्षा विभाग ने जोमैटो की क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट के हैदराबाद स्थित वेयर हाउस पर छापेमारी की है। छापेमारी के बाद विभाग ने पाया कि ब्लिंकिट वेयर हाउस में कई सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया जा रहा था। बता दें कि ब्लिंकिट मेट्रो सिटीज में काफी पॉपुलर क्विक डिलीवरी प्लेटफार्म है और 10 मिनट में सामान आपके घर पहुंचाने का दावा करता है।

क्या आपकी सेहत से हो रहा खिलवाड़?

खाद्य सुरक्षा विभाग ने हैदराबाद के देवरायमजल क्षेत्र (मेडचल-मलकजगिरी जिला) में ब्लिंकिट के वेयरहाउस पर छापा मारा। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, ब्लिंकिट के वेयर हाउस में कई स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी उपायों का पालन नहीं किया जा रहा था। फर्म्स के पास बुनियादी स्वच्छता जांच की व्यवस्था नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं विभाग को कंपनी के वेयरहाउस से एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थ भी मिले।

क्या खराब सामान बेच रहा ब्लिंकिट?

खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने इसको लेकर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "कामाक्षी फूड्स के लाइसेंस द्वारा निर्मित प्रोडक्ट एक्सपायर पाए गए। वहीं सूजी, कच्चा पीनट बटर, मैदा, पोहा, बेसन और बाजरा जब्त किए गए, जिनकी कीमत 30,000 रुपये है।" विभाग को यह भी संदेह है कि 52,000 रुपये की कीमत की होल फार्म रागी (फिंगर बाजरा) का आटा और तूर दाल जैसी अन्य वस्तुओं में भी कीटाणु पाए गए हैं। आयुक्त ने अपने पोस्ट में कहा कि इन प्रोडक्ट को जब्त कर लिया गया है और सेंपल्स को जांच के लिए लैब में भेजा गया है।

क्या है Blinkit और कैसे करता है काम?

ब्लिंकिट क्विक डिलीवरी प्लेटफार्म है। यह जोमेटो की कंपनी है। ब्लिंकिट कई भारतीय शहरों में काम करता है और 10 मिनट में ऑर्डर डिलीवर करता है। ये डिलीवरी डार्क स्टोर के जरिए की जाती है, जो आम तौर पर आवासीय क्षेत्रों में और उसके आस-पास 2,500-3,500 वर्ग फीट के वेयरहाउस होते हैं। इन बड़े-बड़े वेयरहाउस से आपके घर तक सामान आता है। इन वेयरहाउस को डार्क स्टोर इसलिए कहा जाता है कि क्योंकि यहां जाकर सामान नहीं खरीदा जा सकता है। केवल ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है और डिलीवरी पर्सन आपके घर सामान पहुंचाते हैं। लेकिन अब ब्लिंकिट के यह डार्क स्टोर जांच के दायरे में आ गए हैं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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