सोशल मीडिया पर कभी भी कुछ भी वायरल हो जाता है। वास्तव में कहा जाए तो असली भेड़ चाल सोशल मीडिया पर ही देखने को मिलती है। हैरान करने वाली बात यह है कि जो लोग 10 साल से फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अभी भी यकीन है उनका डाटा सेफ है, कंपनियां उनके डाटा का इस्तेमाल मार्केटिंग के लिए नहीं कर रही हैं। अब फेसबुक पर कुछ दिनों से एक अलग ही भेड़ चाल चल रही है।
सभी लोगों की टाइमलाइन पर एक ही पोस्ट
आपने ध्यान दिया होगा कि आपके कई दोस्तों ने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया है कि ,मैं .... स्पष्ट करता हूँ कि मैं अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के उपयोग के लिए फेसबुक या मेटा को कोई अनुमति नहीं देता हूं। कल एक महत्वपूर्ण दिन है जिस पर आधिकारिक मुहर रात 9:20 बजे लगाई गई है, यह समाचार टीवी पर भी प्रसारित किया गया है।
फेसबुक के नए नियम कल से लागू होंगे, जो आपकी तस्वीरों के उपयोग की अनुमति देते हैं। समय सीमा आज समाप्त हो रही है। कृपया इस संदेश को कॉपी करें और अपने प्रोफाइल पर एक नया पोस्ट बनाकर पेस्ट करें। जो लोग ऐसा नहीं करते हैं उन्हें अनुमति देने वाला माना जाएगा। गोपनीयता के उल्लंघन पर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। मैं अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के उपयोग के लिए फेसबुक या मेटा को कोई अनुमति नहीं देता हूँ।
क्या है इस वायरल पोस्ट की सच्चाई?
पहली बात तो यह है कि फेसबुक ने ऐसे किसी नियम की घोषणा नहीं की है और यह पहली बार नहीं है जब फेसबुक पर इस तरह के पोस्ट वायरल हुए हैं। पिछले साल भी यह पोस्ट वायरल हुआ था। लोग देखा देखी एक दूसरे के वॉल से पोस्ट कॉपी कर रहे हैं और नाम बदलकर पोस्ट कर दे रहे हैं, हालांकि इसका ना तो कोई मतलब है और ना ही कोई तर्क, क्योंकि फेसबुक की शर्तों को आप पहले ही स्वीकार कर चुके हैं और आपके डाटा पर उसका अधिकार भी हो चुका है तो ऐसे पोस्ट करने का कोई अर्थ नहीं है।
