Global Business Summit 2026: ET Now GBS 2026 में केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि भारत पहले सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लेकर संदेह में था, लेकिन अब उसे दुनिया भर में पहचान मिल रही है। उन्होंने बताया कि दुनिया की बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियां अब भारत की तेजी से बढ़ती सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का हिस्सा बनना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस साल दुनिया के सबसे बड़े एआई समिट में से एक की मेजबानी करेगा। इससे यह साफ होता है कि नई तकनीकों के क्षेत्र में भारत का प्रभाव बढ़ रहा है और देश 'पांचवीं औद्योगिक क्रांति' के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ सालों में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में हमारी प्रगति बहुत तेज रही है। मुझे याद है, जब मैं 2022 में डावोस गया था और वहां सेमीकंडक्टर की बात होती थी, तो लोग इस पर सवाल उठाते थे।'
2024 से हालात बदलने लगे
हमारा मिशन 1 जनवरी 2022 को शुरू हुआ था। साल 2023 हमारे लिए सीखने का साल रहा, जिसमें हमने इस क्षेत्र को समझने और आगे बढ़ने की कोशिश की। लेकिन 2024 में हालात बदलने लगे और हमें असली प्रगति दिखाई देने लगी।' उन्होंने आगे कहा कि इस साल दावोस में उद्योग के बड़े नेताओं के साथ हुई सेमीकंडक्टर राउंड टेबल बैठक में किसी ने भी भारत पर सवाल नहीं उठाया। अब सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़ा हर बड़ा खिलाड़ी भारत की इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि यह भारत को देखने के नजरिए में एक बड़ा बदलाव है।
बड़ी संख्या में तैयार हुए प्रतिभाशाली युवा
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'आज दुनिया की हर बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनी, जिसमें Nvidia भी शामिल है, अपने सबसे आधुनिक चिप्स का डिजाइन भारत में कर रही हैं। अब कई नए स्टार्टअप भी सामने आ रहे हैं। इस बदलाव को देखकर मैं खुद हैरान था।' उन्होंने आगे कहा कि भारत ने 315 विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवाओं को तैयार किया है, जिससे एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन बनी है। उन्होंने भरोसे के साथ कहा कि आने वाले सालों में दुनिया में होने वाला सेमीकंडक्टर डिज़ाइन का एक बड़ा हिस्सा भारत से होगा। अब तक भारत में चिप डिज़ाइन के क्षेत्र में 70,000 से ज्यादा इंजीनियरों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेल का आयोजन
उन्होंने यह भी बताया कि, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, फ्रांस के बाद भारत अब एआई शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, और यह दुनिया का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। सभी उद्योग के नेताओं और 20 से अधिक राज्यों/सरकारों के प्रमुखों ने पहले ही इसकी पुष्टि कर दी है। 100 से अधिक वैश्विक नेता इस शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
