Meta hit with rs 7100 crore fine: फेसबुक की मूल कंपनी मेटा पर यूरोपीय संघ द्वारा भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है। यूरोपीय संघ के विनियामकों द्वारा मेटा पर पहली बार "अपमानजनक व्यवहार" करने का आरोप लगाए जाने के लगभग दो साल बाद यह जुर्माना लगाया गया है। मेटा पर यूरोपीय आयोग ने €797.7 मिलियन (लगभग 7100 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है।
मेटा पर क्यों लगा करोड़ों का जुर्माना
मेटा पर फेसबुक यूजर्स को मार्केटप्लेस के संपर्क में आने के लिए मजबूर करना और प्लेटफार्म पर थर्ड पार्टी के वर्गीकृत विज्ञापन प्रदाताओं के खिलाफ प्रतिबंध लगाना जुर्माने के दो मुख्य कारण बताए गए हैं। 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की कार्यकारी इकाई यूरोपीय आयोग और प्रतिस्पर्धा आयोग ने लंबे समय से चल रही जांच के बाद 79.77 करोड़ यूरो (84.1 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया है।
मेटा पर क्या है आरोप
नियामकों ने जांच में पाया कि कंपनी ने अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग किया और प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियों में लगी रही। ब्रसेल्स ने मेटा पर ऑनलाइन वर्गीकृत विज्ञापन कारोबार को अपने सोशल नेटवर्क से जोड़कर प्रतिस्पर्धा को बाधित करने का आरोप लगाया था। कंपनी पर फेसबुक यूजर्स को ऑटोमेटिक रूप से ‘मार्केटप्लेस’ से जोड़ने की व्यवस्था का आरोप लगा था।
फैसले के खिलाफ अपील करेगी कंपनी
इस बात की भी चिंता जतायी गयी थी कि मेटा टर्म ऑफ सर्विस के साथ अनुचित व्यापारिक शर्तें लगा रही थी। यह व्यवस्था उसे कंपनी के मार्केटप्लेस को लाभ पहुंचाने के लिए फेसबुक या इंस्टाग्राम पर विज्ञापन करने वाले प्रतिस्पर्धियों से उत्पन्न विज्ञापन-संबंधित आंकड़ों का उपयोग करने के लिए अधिकृत करती थी। मेटा ने बयान में कहा कि इस निर्णय में ऐसा कोई सबूत नहीं है कि उसके कदम से प्रतिद्वंद्वी कंपनियों या उपभोक्ताओं को कोई नुकसान पहुंचा है। कंपनी ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ अपील करेगी।
