कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि उन्हें अचानक महसूस होता है जैसे उनका फोन वाइब्रेट हुआ हो या रिंग बज रही हो। वे तुरंत जेब, बैग या तकिये के नीचे रखा फोन चेक करने लगते हैं, लेकिन फोन पूरी तरह शांत होता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह अनुभव काफी आम है और दुनिया भर में बड़ी संख्या में स्मार्टफोन यूजर्स इसे महसूस कर चुके हैं।
क्या है Phantom Vibration Syndrome?
इस स्थिति को Phantom Vibration Syndrome (PVS) कहा जाता है। नाम में 'सिंड्रोम' जरूर है, लेकिन इसे कोई गंभीर बीमारी नहीं माना जाता। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि उसका फोन वाइब्रेट कर रहा है या रिंग बज रही है, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होता। एक्सपर्ट के अनुसार, यह स्मार्टफोन के लगातार इस्तेमाल और उसके प्रति बढ़ती मानसिक आदत का परिणाम हो सकता है।
नई बीमारी नहीं, लेकिन आम अनुभव
Phantom Vibration Syndrome कोई नई खोज नहीं है। जब स्मार्टफोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा, तब बड़ी संख्या में लोगों ने इस तरह के अनुभव साझा किए। इसके बाद हुई कई रिसर्च में पाया गया कि अधिकांश स्मार्टफोन यूजर्स कभी न कभी इस भ्रम का अनुभव करते हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि ज्यादातर लोगों के लिए यह स्थिति गंभीर या परेशान करने वाली नहीं होती।
क्यों होता है ऐसा महसूस?
वैज्ञानिकों का मानना है कि Phantom Vibration Syndrome एक तरह का Hallucination (छद्म संवेदना) है। इसमें मस्तिष्क ऐसे कंपन या रिंग का एहसास कराता है, जो वास्तव में मौजूद ही नहीं होती। दूसरे शब्दों में कहें तो दिमाग शरीर को एक नकली संकेत भेज देता है और व्यक्ति को लगता है कि फोन में कोई नोटिफिकेशन आया है। अगर यह कभी-कभार हो तो चिंता की बात नहीं है, लेकिन यदि बार-बार ऐसा होने लगे और बेचैनी महसूस हो, तो यह मानसिक तनाव का संकेत भी हो सकता है।
क्या है Ringxiety?
जब बिना किसी कॉल या नोटिफिकेशन के बार-बार फोन की रिंग सुनाई देने का भ्रम होने लगे और इससे चिंता या बेचैनी महसूस हो, तो इस स्थिति को Ringxiety कहा जाता है। यह शब्द 'Ring' और 'Anxiety' को मिलाकर बनाया गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक बनी रहने वाली Ringxiety व्यक्ति में Over-vigilance (हर समय सतर्क रहने की आदत), Psychological Stress (मानसिक तनाव) और Emotional Disturbance (भावनात्मक असंतुलन) जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है।
क्या इसका कोई इलाज है?
फिलहाल Phantom Vibration Syndrome की सटीक वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। यही कारण है कि इसका कोई विशेष मेडिकल इलाज भी उपलब्ध नहीं है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कम करके इस समस्या की संभावना को काफी हद तक घटाया जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
- स्मार्टफोन का उपयोग सीमित करें।
- बार-बार फोन चेक करने की आदत से बचें।
- नोटिफिकेशन की संख्या कम रखें।
- सोते समय फोन को शरीर से थोड़ी दूरी पर रखें।
- स्क्रीन टाइम कम करने और डिजिटल ब्रेक लेने की आदत डालें।
